
लगातार हो रही बारिश के चलते गढ़वाल में नदियों से कटाव और भूस्खलन के खतरे कम नहीं हो रहे। भागीरथी में आया उफान उत्तरकाशी में जड़भरत घाट पर बने चेंजिंग रूम को बहा ले गया। मंगलवार रात की बारिश के बाद नदी के उफान ने तटवर्ती बस्ती के लोगों की नींद उड़ा दी है।
जड़भरत घाट क्षेत्र में कई बहुमंजिले भवनों पर खतरा मंडरा रहा है। बस्ती के लोग रात को जागकर नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं।
200 फीट नीचे खाई में गिरे दो बच्चे
रुद्रप्रयाग जिले में मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग का पुश्ता धंसकने से दो बच्चों बीरेंद्र (11) और मुकेश (10) की जान पर बन आई। दोनों बच्चे पुश्ते के मलबे के साथ लगभग 200 फीट नीचे खाई में गिर गए। गंभीर हालत में दोनों को 108 वाहन से जिला अस्पताल लाया गया। यहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। हादसा पांजणा और पूर्वियाणा के बीच हुआ।
चमोली जिले के क्षेत्रपाल इलाके में दिन में दो बजे बदरीनाथ राजमार्ग का पुश्ता धंस गया। इसके बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों ने पीपलकोटी, जोशीमठ जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी है। इससे क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी बाधित हो गई है।
देर शाम तक हल्के वाहनों की आवाजाही कराई जा रही थी। अलकनंदा में 16-17 जून की बाढ़ के बाद क्षेत्रपाल में नदी का रुख राजमार्ग की ओर हो गया है। इससे यहां जबरदस्त भू-कटाव हो रहा है।
गंगोत्री राजमार्ग खुला
इस बीच धरासू से उत्तरकाशी के बीच बंद गंगोत्री राजमार्ग बुधवार को खुल गया। इससे उत्तरकाशी और आसपास के लोगों को काफी राहत मिली है। तीन दिनों से यह रास्ता बंद था। उत्तरकाशी से गंगोत्री की ओर नेताला से आगे राजमार्ग 17 जून से ही बंद है। यमुनोत्री राजमार्ग भी कल्याणी, बाडिया सहित कई स्थानों पर बंद है।
हेलीकाप्टरों ने केदारनाथ धाम के लिए भरी उड़ान
केदारघाटी में चौथे दिन मौसम साफ होने पर हेलीकाप्टरों ने केदारनाथ के लिए उड़ान भरी। केदारनाथ में तैनात जवानों की अदला-बदली के साथ वहां रसद भी पहुंचाई गई। हालांकि शाम चार बजे बाद घाटी में फिर से बारिश शुरू हो गई। बुधवार को सुबह मौसम खुलने पर मंदाकिनी में बहे एसडीएम अजय अरोड़ा के भाई संजीव अरोड़ा और उनके मित्र राजू को अधिकारियों के साथ हेलीकॉप्टर से केदारनाथ भेजा गया।
उन्हें केदारनाथ में घटनास्थल और एसडीएम की खोज के लिए चलाए जा रहे अभियान के संबंध में बताया गया। साढ़े तीन बजे उन्हें हेलीकाप्टर से घर वापस भेज दिया गया। डीआईजी जीएस मर्तोलिया, एएसपी नवनीत भुल्लर, सीओ स्वप्निल किशोर, तीन दारोगा, कांस्टेबल, पर्वतारोही और एनडीआरएफ के जवान भी बुधवार को केदारनाथ गए हैं। दस बीमार जवानों को गुप्तकाशी लाया गया है।
