
पिथौरागढ़। भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी (माले) ने सरकार द्वारा आपदाग्रस्त इलाकों मेें अब तक चलाए गए आपदा और बचाव कार्यों को नाकाफी बताया है। सरकार पर आपदा पीड़ितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
पार्टी के जिला सचिव जगत मर्तोलिया के नेतृत्व में गांधी चौक में एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि आपदा से निपटने और आपदा पीड़ितों को राहत पहुंचाने में प्रदेश सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। मर्तोलिया ने कहा कि सरकार अभी तक आपदा पीड़ितों को राशन और टैंट तक नहीं दे सकी है। मुनस्यारी के जोहार, रालम और धारचूला क्षेत्रों में अब भी 10 हजार से अधिक लोग फंसे हुए हैं। इन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सरकार के पास कोई व्यवस्था नहीं है। कहा कि जिलाधिकारी जिला मुख्यालय में बैठकर सभी गांवों तक राहत पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। बावजूद इसके धारचूला और मुनस्यारी के सैकड़ों गांव खाद्यान्न संकट से जूझ रहे हैं। जिला प्रवक्ता गोविंद कफलिया ने कहा कि सभी आपदा पीड़ितों को साथ लेकर आर-पार का संघर्ष शुरू किया जाएगा। पुतला दहन में आशा यूनियन की जिलाध्यक्ष हेमलता सौन, शीला पुनेठा, छात्रसंघ अध्यक्ष हेमंत खाती, विमलदीप फिलिप, जोध सिंह बोरा, दिनेश जोशी, राहुल बड़ाल, मनोज नगरकोटी, कृष्णा वर्मा, गोविंद, देवेंद्र आदि शामिल थे।
