
नगरोटा बगवां (कांगड़ा)। विकास के जन सहयोग से निर्मित नगरोटा बगवां नगर परिषद के सामुदायिक भवन और विश्राम गृह को नगर परिषद की ओर से कुछ वर्ष पूर्व ठेके पर दिए जाने का मामला गर्मा गया है। नगरोटा बगवां मंडल भाजपा अध्यक्ष एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डा. नरेश विरमानी की अगुवाई में भाजपाइयों ने तहसीलदार नगरोटा बगवां डा. शिखा शर्मा के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंप कर इन भवनों का नियंत्रण दोबारा नगर परिषद को सौंपने की मांग की है।
डा. नरेश विरमानी, नगर परिषद के उपाध्यक्ष अरुण मेहरा, पार्षद सुदर्शना साहनी, पूर्व पार्षद आशा कुमारी, मंडल भाजपा महामंत्री अमित शर्मा, पूर्व मंडल अध्यक्ष सुरेश दीवान, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष अजय सिपहिया, उपाध्यक्ष सोनू चौधरी, पूर्व अध्यक्ष विकास चौधरी, कैप्टन रोशन लाल, नवनीत गोस्वामी, संजीव पाल और अन्य लोगों स्वर्णा वालिया, भाजपा शहरी अध्यक्ष डा. संदीप शर्मा, विधि चंद कौशल, रमेश वालिया और प्रवेश चोपड़ा ने कहा कि तत्कालीन सरकार के समय मेें विकास के जनसहयोग के तहत इन भवनों का निर्माण स्थानीय निवासियों के सामाजिक और वैवाहिक और अन्य आयोजनों के लिए जनता के 50 प्रतिशत आर्थिक सहयोग से किया गया था लेकिन नगर परिषद की ओर से गत तीन वर्ष पूर्व उक्त भवनों को ठेके पर दे दिया गया। इससे इन भवनों को निर्मित करने की भूल भावना आहत हुई है और साथ ही शहरी निकाय के नियमों की भी अवहेलना हुई है। ज्ञापन में मांग की गई है कि माननीय मुख्य सचिव सचिव अपनी शक्तियों का प्रयोग करके उक्त भवनों का नियंत्रण दोबारा नगर परिषद के पास प्रदान करने की व्यवस्था करें।
