भगवान, माफ करना मजबूरी में चोरी कर रहा हूं

थौलधार प्रखंड के सुनाली गांव के शिव मंदिर में चोरी का एक नायाब मामला सामने आया है। मंदिर से चांदी के छत्र और नगदी चोरी करने वाले ने बाकायदा भगवान और गांव वालों के नाम एक पत्र भी छोड़ा जिसमें उसने अपनी आर्थ्क हालत ठीक न बताते हुए मजबूरी में चोरी करने की बात कही है।
गांव के चमन प्रकाश और उत्तम सिंह कैंतुरा ने बताया कि शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीण मंदिर में गए तो छत्र और दानपात्र से नगदी गायब पाई। थोड़ी देर में ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर में जमा हो गए। इतने में किसी की नजर भगवान की मूर्ति केचरणों के पास रखे पत्र पर पड़ी। ग्रामीणों के अनुसार चोरी करने वाले ने पत्र में लिखा है कि इस समय मेरी आर्थिक स्थिति काफी खराब है। मजबूरी में चोरी कर रहा हूं। इस धनराशि से कुछ काम शुरू करने के बाद चोरी की रकम वापस मंदिर में जमा कर दूंगा। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर से चांदी के छत्र और नकदी सहित करीब 20-22 हजार रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। चोरी की यह घटना दिनभर चर्चा का विषय बनी रही। पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

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