भगवान परशुराम और मां रेणुका की याद में मनाया ग्यास पर्व

शिलाई (सिरमौर) मां बेटे के पावन मिलन के उपलक्ष्य में पवित्र तीर्थ रेणुका से लगते क्षेत्र के कई गांवों में ग्यास पर्व मनाया जा रहा है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्यास पर्व में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है। गांवों से देवता की पालकियां एवं प्रतिमाएं स्नान हेतु रेणुका के लिए रवाना हो गई हैं। जबकि कई गांवों में भगवान परशुराम मंदिरों में ग्यास मनाई जा रही है। क्षेत्र के परशुराम मंदिर माशू एवं जामू से मंगलवार सुबह देव पालकियां रेणुका के लिए रवाना हुई। गांव मटियाना, शिलाई , डुडोग, कुसेणू, कोटापाब, गुदी गांव में रेणुका मिलन पर्व के आधार पर गांव में ही ग्यास पर्व मनाया जाएगा।
शिलाई गांव के परशुराम मंदिर के कारिंदे जालम सिंह देसाई, कोटा पाब के इंद्र सिंह, कुसेणू के खजान सिंह शर्मा आदि का कहना है कि वह तीसरे वर्ष रेणुका धाम जाते हैं। इस वर्ष वह गांव के देवालय में ही यह पर्व मनाएंगे। मंगलवार सुबह से ही गांवों के देवालयों में ग्रामीणों का तांता लग गया। लोगों ने इस पावन पर्व पर मंदिरों में जाकर देवता के दर्शन किए।
मंदिरों में मंगलवार रात्रि को भगवान श्री परशुराम के नाम का पूरी रात्रि जागरण किया जाएगा। बुधवार सुबह लोग देव पनघट में मां रेणुका के नाम का स्नान करेंगे। उधर माशु निवासी कंवर सिंह शर्मा एवं सोहन सिंह चौहान का कहना है कि आज जो पालकियां रेणुका जा रही हैं वह रेणुका जाकर जागरण करेंगे लेकिन देव पालकी दूसरे दिन वापस आने पर अपने-अपने गांव में ग्यास पर्व मनाएंगे।

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