
धर्मशाला। बैजनाथ और पपरोला शहर अब टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग एक्ट के दायरे में आ गए हैं। दोनों शहरों को प्लॉनिंग एरिया घोषित कर दिया गया है। इसे लेकर टीसीपी विभाग के पास अधिसूचना पहुंच गई है। 18 मुहालों को एक्ट के दायरे में लाने से यहां पर सुनियोजित ढंग से विकास हो पाएगा। गांवों में बनने वाले घर भी आधुनिक तरीके से बन पाएंगे। इन 18 मुहालों की आबादी करीब 15000 है। एक्ट में पुश्तैनी मकान मालिकों को छूट दी गई है। इन्हें तीन मंजिल तक घर बनाने के लिए अनुमति नहीं लेनी होगी। चौथी मंजिल बनाने पर ही विभाग से अनुमति लेेंगे।
जमीन बेचने से पहले टीसीपी विभाग से अनुमति लेनी जरूरी होगी। इसके बाद ही भूमि खरीदने वाला व्यक्ति नक्शा पास करवाकर भवन निर्माण करवा पाएगा। पुश्तैनी मकान मालिक अपनी भूमि पर दो मंजिल तक दुकान बना सकते हैं। तीसरी मंजिल बनाने के लिए विभाग से अनुमति लेनी होगी। मुहालों के प्लॉनिंग एरिया में आने से अब नए बनने वाले घर आधुनिक तरीके से बन पाएंगे। अधिसूचना मिलने के बाद विभाग तमाम तहसीलदारों, प्रधानों और एसडीएम को इस बारे में पत्र के माध्यम से अवगत करवाएगा।
क्या होगा फायदा
प्लॉनिंग एरिया में आने से रास्तों, सड़कों के लिए जगह खाली रहेगी। नए घर खुले होंगे और पार्किंग सुविधा भी घरों के अंदर ही रहेगी। गांवों में भी सुनियोजित ढंग से विकास हो पाएगा।
ये मुहाल जुड़े प्लॉनिंग एरिया में
कस्बा बैजनाथ, बैजनाथ, गणखेतर, घिरथोली, पंतेहड़ धानग, उस्तेहड़, पपरोला खास, कस्बा पपरोला, नागण, कोटी, जखरेहड़, खतरेहड़, खड़ानाल, मलगोहटा, पंतहेड़, भेठजिकली, धारबग्गी, मझैरना मुहाल प्लॉनिंग एरिया में जुड़ गए हैं।
अधिसूचना पहुंची विभाग के पास
टीसीपी विभाग के योजनाकार आरएस प्रेमी और सहायक योजनाकार उर्मिला ने बताया कि बैजनाथ-पपरोला प्लॉनिंग एरिया में आ गए हैं। इस संदर्भ में अधिसूचना पहुंच गई है। तहसीलदार, एसडीएम और प्रधानों को जानकारी दे दी गई है। पुश्तैनी मकान मालिकों को एक्ट में छूट दी गई है। तीन मंजिल तक मकान बनाने के लिए इन्हें अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।
