
बैजनाथ (कांगड़ा) सेंक्चुरी क्षेत्र की मार झेल रहे बीड़ वन परिक्षेत्र के तहत आने वाली एक दर्जन पंचायतों के 20 हजार से अधिक बाशिंदों को जल्द ही युक्तिकरण के तहत कुछ राहत मिलने वाली है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद राज्य सरकार ने सेंक्चुरी क्षेत्र को डिलीट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आगामी कुछ दिनों में सरकार इस संबंध में अधिसूचना जारी करने वाली है।
दिसंबर 1994 में कांग्रेस कार्यकाल में जारी अधिसूचना के अनुसार बीड़ के 208.60 हेक्टेयर और क्योर के 70.42 हेक्टेयर क्षेत्र को सेंक्चुरी में लाने का प्रस्ताव था। बाद में 1999 में भाजपा सरकार के समय बीड़ के क्षेत्र को बढ़ाकर 1308.51 हेक्टेयर कर दिया गया। क्योर को यथावत रखा गया। सेंक्चुरी क्षेत्र को लेकर जारी होने जा रही अधिसूचना के तहत छोटा भंगाल का बड़ा ग्रां, कोठी कोहड, धर्मांण, लुआई, मुल्थान, स्वाड, पोलिंग, बीड़, गुनेहड, चौगान पंचायतों तथा मढेड व संसाल आदि क्षेत्रों के करीब 20 हजार से अधिक लोगों को राहत मिलेगी। किसान सभा के तहसील कमेटी अध्यक्ष अक्षय जसरोटिया का कहना है कि राजनीतिज्ञ प्रदेश की जनता को गुमराह करते आए हैं। डीएफओ वाइल्ड लाइफ संगीता ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बाद सेंक्चुरी क्षेत्र से लोगों को बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष भेजा जा रहा है। सेंक्चुरी एरिया में किसी भी नए क्षेत्र को शामिल नहीं किया जा रहा है।
सेंक्चुरी एरिया से मुक्त होने पर वीड़ परिक्षेत्र की जनता को एक बड़ी राहत मिलेगी। सेंक्चुरी एरिया में शामिल होने के चलते यहां का विकास पूरी तरह से रुक गया था। लोगों को वन से लकड़ी व घास लेने की भी अनुमति होगी।
