बैंक को लगा दिया 24 लाख का चूना

देहरादून। वाहन शोरूम का फर्जी मालिक और ग्राहक बन कर छह लोगों ने बैंक से 24 लाख रुपये का लोन हासिल कर लिया। बाद में बैंक ने जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। बैंक प्रबंधक की ओर से इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पटेलनगर क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ हैदराबाद की शाखा में 30 जुलाई 2012 को राहुल धनी पुत्र महेंद्र धनी निवासी नेहरूग्राम, आशुतोष सकलानी पुत्र पीएस सकलानी निवासी सुभाष रोड, प्रमोद बसंल निवासी राजपुर रोड व शूरवीर सिंह तोमर ने कार लोन के लिए आवेदन किया था। उन्होंने एक कार शोरूम एजेंसी का कोटेशन दिया। सभी कोटेशन छह-छह लाख रुपये के थे। शोरूम का संचालक कृपाल सिंह पुत्र जब्बर सिंह निवासी अजबपुर कलां और उसका कर्मचारी लक्ष्मी नेगी भी शोरूम आए और सभी ग्राहकों की तस्दीक की। बैंक ने चारों को 24 लाख रुपये का लोन जारी कर दिया। नियम के अनुसार एक माह के बाद लोन लेने वाले को बैंक को वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र देना होता है। बैंक ने कई बार इस बारे में ग्राहकों को सूचित किया, लेकिन प्रमाण पत्र जमा नहीं किया गया। बाद में बैंक को पता चला कि ऐसी कोई वाहन एजेंसी ही नहीं है। बैंक प्रबंधक कृष्ण वर्मा की ओर से फर्जी तरीके से शोरूम संचालक बनकर आए कृपाल सिंह और उसके कर्मचारी लक्ष्मी के अलावा चारों ग्राहकों के खिलाफ पटेलनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

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