बेहोश कर पकड़ा जाएगा आदमखोर तेंदुआ

शिमला। हिमलैंड के समीप शिवपुरी में नौ जून को राहगीर को घायल करने वाले तेंदुए को अब बेहोश कर पकड़ा जाएगा। घटना के 11 दिन बाद भी तेंदुए के पकड़ में नहीं आने के बाद वन विभाग के वाइल्ड लाइफ विंग ने टीम गठित कर दी है। टुटीकंडी एनिमल हेल्थ सेंटर की यह टीम कनलोग के लोगों से तेंदुए के बारे में जानकारी जुटाएगी। 11 दिन के दौरान शिवपुरी और समिट्री में लगाया गया पिंजरा अभी तक खाली ही है। आदमखोर तेंदुआ लोगों को दिख रहा लेकिन यह पिंजरे तक नहीं पहुंच रहा। नगर निगम के वन मंडलाधिकारी इंद्रकुमार ने कहा कि अब तेंदुए को बेहोश कर पकड़ने की योजना है। नौ जून को शिवपुरी से कनलोग की ओर जा रहे परमानंद शर्मा पर तेंदुए ने घात लगाकर हमला किया था। शर्मा का आईजीएमसी में उपचार चल रहा है। घटना के बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए 11 जून को निगम की वन शाखा ने शिवपुरी में पिंजरा लगाया था। 17 जून तक तेंदुआ पकड़ में नहीं आया तो 18 जून को नगर निगम की टीम ने पिंजरा कनलोग के समिट्री में शिफ्ट किया। यहां भी पिंजरा खाली पड़ा है। यहां के लोगों को देर रात और तड़के कई दफा तेंदुआ दिख चुका है। वन विभाग ने अब तेंदुए को बेहोश कर पकड़ने की योजना बनाई है।

ट्रेंकोलाइजर गन से करेंगे बेहोश
ट्रेंकोलाइजर गन की मदद से इंजेक्शन लगाकर तेंदुए को बेहोश किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक ट्रेंकोलाइजर गन को एक्सपर्ट चलाते हैं। इस आपरेशन में पांच से छह कर्मी शामिल रहते हैं। जंगल में घात लगाकर तेंदुए का इंतजार करना पड़ता है। फिर देखते ही उसे ट्रेंकोलाइजर गन से इंजेक्शन लगाकर बेहोश किया जाता है।

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