बेस अस्पताल पर फिर संकट के बादल

श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कालेज के बेस चिकित्सालय का मेडिसिन विभाग फिर संकटग्रस्त स्थिति में दिखाई दे रहा है। बीते दो माह में अस्पताल से तीन डॉक्टर जा चुके हैं, हालांकि ये तीनों डॉक्टर बेहतर विकल्प मिलने पर अस्पताल छोड़ गए हैं, लेकिन उनका जाना रोगियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
बेस चिकित्सालय में मेडिसिन विभाग में अक्सर डॉक्टरों की कमी रोगियों की परेशानी का कारण बनती है। मेडिसिन विभाग में एक प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर तथा चार असिस्टेंट प्रोफेसर के पद सृजित हैं, जिनमें प्रोफेसर की कमी लगातार मेडिकल कालेज की स्थापना से ही बनी हुई है। यदि प्रोफेसर की नियुक्ति हुई भी है, तो वह यहां कभी ठहरे नहीं। वर्तमान में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर डा. कलम सिंह बुटोला तथा असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डा. मोनिका पठानिया और डा. मृदु रावत कार्य कर रही हैं। डा. विक्रम के एम्स जोधपुर में ज्वाइनिंग के बाद अंदेशा है कि उनकी पत्नी डा. मृदु भी मेडिकल कालेज छोड़ देंगी। इससे पूर्व अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए डा. राजेश झा तथा डा. गिरीश नारायण मिश्रा ने भी बीते माह बेस अस्पताल छोड़ दिया था, जबकि डा. मोनिका के पैर में चोट है। ऐसी स्थिति में मात्र दो डॉक्टरों के होने पर यहां नियुक्त चार एसआर के भरोसे ही विभाग चलाना होगा। हालांकि कालेज प्रशासन को उम्मीद है कि नए वॉक इन इंटरव्यू में फिजीशियन मिल जाएंगे।
– डा. जहागिरदार के लौट आने के बाद वॉक इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। हमारे यहां तैनात डॉक्टर मरीजों को संभाल रहे हैं। अभी तक कोई भी रोगी समस्या लेकर नहीं पहुंचा है। – प्रो.पीडी शर्मा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज।

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