बेलीराम की हत्या का संदेह

बिलासपुर। बरमाणा थानांतर्गत चम्यौण के एक व्यक्ति की करीब दो माह पूर्व संदिग्ध अवस्था में हुई मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया है। वीरवार को परिजनों व गांव के अन्य लोगों ने एडवोकेट भगत सिंह वर्मा की अगुवाई में इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
चम्यौण निवासी बेलीराम की गत 29 मई को संदिग्ध अवस्था में मृत्यु हो गई थी। वह हरनोड़ा-कसोल सड़क पर कोलबांध परियोजना के व्यू प्वाइंट के पास मृत हालत में मिला था। परिजन शुरू से ही बेलीराम की हत्या का संदेह जताते रहे हैं। निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर वे कई बार पुलिस प्रशासन से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के अनुरूप कार्रवाई न होने से वे नाराज हैं।
वीरवार को भगत सिंह वर्मा की अगुवाई में डीसी से मिलने पहुंचे बेलीराम की माता कमला देवी, पूर्व बीडीसी सदस्य भंडारी राम ठाकुर, उपप्रधान रमेशचंद, रणजीत ठाकुर, बाबूराम ठाकुर, बेसरिया राम, विमला, सुंदरराम, दिलाराम व जोगेंद्र सिंह आदि ने कहा कि इस मामले में कई पहलू संदेहास्पद हैं। यदि बेलीराम सड़क हादसे का शिकार हुआ तो उसका स्कूटर सड़क किनारे कैसे खड़ा हो सकता है। मौके पर सबसे पहले पहुंचने वाले व्यक्ति ने परिवार के सदस्यों अथवा थोड़ी दूरी पर मौजूद सीआईएसएफ के सुरक्षा कर्मियों को इसके बारे में क्यों नहीं बताया। वह बेलीराम को अकेला ही अस्पताल क्यों ले गया। बेलीराम के शरीर से खून बह रहा था। उसे अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति के कपड़ों पर खून के धब्बे कैसे नहीं लगे। उन्होने संदेह जताया कि किसी व्यक्ति ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर बेलीराम की हत्या की है। उपायुक्त से मामले की जांच के निर्देश दिए जाएं।

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