
शिमला। राज्य सरकार ने बेरोजगारी प्रमाण पत्र लेना और सरल कर दिया है। लोगों को इसके लिए अब तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पंचायत सचिव को इसके लिए अधिकृत किया गया है। जिला पंचायत अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को इसके निर्देश दे दिए हैं।
जिला पंचायत अधिकारी प्रेम तांटा ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इन नए आदेशों को लेकर सभी पंचायत प्रधान, उप प्रधान, पंचायत सचिव, सहायक और महिला मंडल, युवक मंडलों को पत्र लिखकर सूचित व जागरूक करें। ग्राम सभाओं में भी इसकी जानकारी आम लोगों को उपलब्ध कराई जाए। प्रमाण पत्र को प्रधान और उप प्रधान से हस्ताक्षरित कराना होगा। पंचायत सचिव और प्रधान परिवार रजिस्टर के आधार पर यह प्रमाण पत्र जारी करेंगे। यदि इसमें कोई गलती या गड़बड़ी पाई गई तो संबंधित पंचायत सचिव तथा सहायक के साथ ही प्रधान और उप प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रमाण पत्र से लाभ लेने वाले का निष्कासन, आपराधिक मामला तक दर्ज किया जा सकता है। बेरोजगारी प्रमाण पत्र सरकारी, ग्रामीण विकास पंचायती राज सहित अन्य विभागों में अनुबंध आधार पर होने वाली भर्ती के लिए जरूरी है। प्रदेश सरकार की बेरोजगारी भत्ता या स्किल डेवलेपमेंट के लिए मिलने वाले आर्थिक लाभ के लिए भी यह जरूरी है। बैंक से कर्ज लेने के लिए भी इस प्रमाण पत्र का होना जरूरी है।
