बेघर लोगों का जल्द पुनर्वास हो

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ आपदा के बाद पुनर्निर्माण, दीर्घकालीन विकास और आपदा प्रबंधन को लेकर उत्तराखंड पुनर्वासन जन समिति की ओर से आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर प्रहार किए।
मुख्य वक्ता लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि वह लोग नीति नियंता बने हुए हैं, जो पहाड़ के लोगों की भावनाओं और पहाड़ की प्रकृति के बारे में नहीं जानते। जो लोग पहाड़ के बारे में जानते भी हैं, तो वह आंखें मूंदे हुए हैं। विकास के नाम पर विनाश रोकना चाहिए। अनियंत्रित विकास और अविवेकपूर्ण नीतियों के कारण प्राकृतिक आपदाओं को महाआपदा बना दिया गया है।
प्रो. आरसी डिमरी ने कहा कि आपदा के कारण बेघर हो गए लोगों का शीघ्र पुनर्वास किया जाना चाहिए। आपदा की मार झेल चुके चंद्रापुरी निवासी डा. योगंबर सिंह नेगी ने राहत कार्यों में देरी को शासन की ढिलाई बताई। कार्यक्रम संयोजक मुकेश सेमवाल ने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाओं के आने से प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सीय सुविधा सहित अन्य मदद मिली। इस अवसर पर राजेंद्र नौटियाल, ओम प्रकाश सेमवाल, मोहन वशिष्ठ, देवेंद्र चमोली, बी मोहन नेगी, प्रो. अतुल सकलानी, डा. सुरेंद्र बिष्ट, अवतार सिंह राणा, डा. प्रकाश चमोली और गंगाधर नौटियाल आदि ने विचार रखे।

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