

12 दिन में चार हजार किमी दूरी तय की
रोशनी पेशे से साफ्टवेयर इंजीनियर हैं और देश में महिलाओं की मुक्ति (इमेंसीपेशन) को लेकर संदेश देना चाहती हैं। रोशनी शुक्रवार को मंडी पहुंचीं। उन्होंने देश की पहली ऐसी महिला होने का दावा किया है। 12 दिन में चार हजार किलोमीटर की दूरी तय कर लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में अपना नाम दर्ज करवाना चाहती हैं।
बुलेट पर ‘रिकॉर्ड’ बनाने निकली ये जाबांज बेटी

28 जून को कन्याकुमारी से शुरू किया अभियान
वह चाहती हैं कि देश में महिलाएं संघर्षरत महिलाओं के नक्शेकदम पर चलें। सोलो राइडिंग कर कन्या कुमारी से कश्मीर का सफर 12 दिन में पूरा करने वाली वह पहली भारतीय बनेंगी। उन्होंने लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स में नामांकन किया है। नौ राज्यों से सफर कर 10वें राज्य के रूप में रोशनी ने हिमाचल में प्रवेश किया। अपने खर्चे पर अभियान पर निकली हैं। इस अभियान पर करीब एक लाख 20 हजार खर्च होंगे।
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एसपी ने दीं शुभकामनाएं
16 वर्ष की उम्र में 11वीं से रोशनी बाइक दौड़ा रही हैं। मंडी में रोशनी ने पुलिस अधीक्षक मोहित चावला से मुलाकात कर अपने अभियान के बारे में जानकारी दी। एसपी ने मोहित चावला ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
