
पांवटा साहिब (सिरमौर)। एबीवीपी जिला प्रमुख भरत राणा ने कहा कि बीएड कर रही कुछ छात्राओं को टीचिंग प्रेक्टिस (टीपी) में नहीं बैठने दिया जा रहा है। शेष फीस राशि जमा करवाने को दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं ने सोमवार तक का समय मांगा था। एबीवीपी जिला प्रमुख का आरोप है कि कालेज प्रबंधन अड़ियल रवैया अपना रहा है। देवीनगर कालेज प्रबंधन की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके विरोध में शनिवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। उधर, बीएड कालेज के प्राचार्य ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
एबीवीपी जिला प्रमुख भरत राणा, एबीवीपी पांवटा कालेज इकाई अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज, अनूप, मंगल कपूर, राजीव, युगल, जसमेर सिंह, निखिल झांब और राजीव ने कहा कि स्थानीय बीएड कालेज में छात्राएं शिक्षारत हैं। शनिवार को स्कूल प्रबंधन वर्ग ने एक फरमान जारी कर दिया। जिसमें शेष फीस जमा न करवाने वाली छात्राओं को सुबह टीचिंग प्रेक्टिस में नहीं बैठने दिया गया। इससे शिक्षारत बीएड की छात्राओं में आक्रोश है। एबीवीपी के नेताओं ने कहा कि छात्राएं शेष फीस करीब साढ़े 7 हजार देने को तैयार हैं। शिलाई, रोनहाट, नैनीधार, राजगढ़, आंजभोज और मस्तभोज समेत दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं ने सोमवार तक शेष फीस जमा करवाने का आग्रह किया था, लेकिन कालेज प्रबंधन वर्ग ने फीस जमा न होने पर टीपी के लिए कक्षाओं में जाने पर ही रोक लगा दी। जिससे छात्राओं में नाराजगी व्याप्त है। इसकी जानकारी मिलते ही जिला एबीवीपी नेता और कार्यकर्ता विवाद सुलझाने को पहुंचे। कालेज प्रबंधन वर्ग से बीएड की छात्राओं के कैरियर का सवाल बताते हुए सहयोग का आग्रह किया गया। लेकिन, कालेज प्रबंधन वर्ग के कुछ लोगों के अड़ियल रवैये से तनाव बढ़ गया। हालांकि, एबीवीपी संगठन की विरोध स्वरूप नारेबाजी के बाद छात्राओं को साथ लगते एक स्कूल में टीपी के लिए कक्षा में जाने की अनुमति दी गई। उधर, बीएड कालेज के प्राचार्य जसविंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी छात्रा की टीपी नहीं रोकी जा रही है। बीएड कर रही छात्राओं को पूरा सहयोग किया गया है। बेवजह इस तरह के मामले की तूल दिया जा रहा है।
