
मंडी। एक निजी बीएड कालेज की मनमानी पर खफा उसके प्रशिक्षु छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। निजी बीएड कालेज प्रशासन ने बीएड कर रहे प्रशिक्षुआें को अगले सत्र से बढ़ी फीस को इसी सत्र में चुकाने का दबाव डाला था। मंगलवार को इसका कालेज के बीएड प्रशिक्षुओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया। कालेज के करीब पांच दर्जन प्रशिक्षु विरोध रैली में शामिल हुए तथा कालेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी प्रशिक्षुओं ने सेरी मंच से उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकाली। इसके बाद संबंधित मसले पर उपायुक्त मंडी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन प्रेषित किया। साथ ही उपायुक्त से भी हस्तक्षेप की गुहार लगाई। प्रशिक्षुओं मनोज कुमार, कुशाल, अश्वनी, संजीव, सत्य प्रकाश, राशि, नीता व चंपा आदि का कहना था कि अगर विश्वविद्यालय बढ़ी हुई फीस स्ट्रक्चर को लागू करता तो कालेज इस फीस को वसूल कर सकते थे, लेकिन विश्वविद्यालय की ओर से फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। निजी कालेज अपनी मनमानी से छात्रों से अतिरिक्त धन उगाही कर रहा है। कालेज प्रशासन की इस मनमानी के विरोध में उतरे प्रशिक्षुआें ने कालेज प्रबंधन तथा चेयरमैन के खिलाफ जमकर हल्ला बोला। प्रशिक्षुओं ने मांग की है कि छात्रों से इस तरह धन की उगाही बंद की जाए तथा मामले की जांच कर कालेज प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
गत रोज देवधार स्थित निजी बीएड कालेज द्वारा अध्ययनरत बीएड प्रशिक्षुओं से अगले सत्र से बढ़ी फीस को इसी सत्र में चुकाने का दबाव डालने का मामला प्रकाश में आया था। प्रशिक्षुआें ने आरोप लगाया कि कालेज प्रबंधन द्वारा उन्हें प्रिंसिंपल सेक्रेटरी आफ हायर एजूकेशन की ओर से जारी एक नोटिफिकेशन की धुंधली कापी दिखाई गई। इसके बाद कालेज प्रबंधन ने प्रशिक्षु छात्राें को अतिरिक्त फीस चुकाने के फरमान जारी कर दिए, लेकिन छात्रों ने नोटिफिकेशन की स्पष्ट कापी मंगवाकर कालेज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
