बिलासपुर में श्रमिकों का हल्ला बोल

बिलासपुर। भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आज बिलासपुर में भी प्रदर्शन हुआ। भामसं से जुडे़ दो दर्जन से अधिक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर जोरदार हल्ला बोला। इससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। भामसं ने अपनी मांगों का ज्ञापन उपायुक्त के मार्फत देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को प्रेषित किया है।
भामसं का कहना है कि भामसं की अगुवाई में बनाई गई केंद्रीय श्रमिक संगठन समन्वय समिति ने भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार को श्रमिकों की मांगों को लेकर कई बार मांगपत्र भेजे, लेकिन उस पर सरकार ने कोई कार्य नहीं किया। इससे श्रमिक वर्ग में रोष है। बुधवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर श्रमिकों ने राज्य एवं केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघ ने महंगाई पर तुरंत रोक लगाने, उद्योगों एवं परियोजना कार्य में श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने, श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने, आंगनबाड़ी एवं मिड डे मील वर्कराें एवं पंचायतों के अधीन कार्यरत सिलाई-कटाई अध्यापिकाओं तथा वाटर गार्डों को न्यूनतम वेतन देकर नियमित करने, सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठानों एवं उद्यमों के विनिवेश पर रोक लगाने, उद्योगपतियों को दी जाने वाली रियायतों के साथ श्रमिकों की सुरक्षा को लिंक करने के लिए ठोस कदम उठाने, न्यूनतम वेतन दस हजार प्रतिमाह घोषित करने, बोनस एवं प्रोविडेंट फंड के भुगतान और पात्रता की सभी ऊपरी सीमाओं को हटाकर ग्रेच्युटी की मात्रा बढ़ाने, पक्के किस्म के कार्य पर ठेका मजदूरी पर रोक लगाकर ठेका श्रमिकों को नियमित श्रमिकों की तर्ज पर वेतन एवं अन्य सुविधा देने, सभी श्रमिकों के लिए आश्वासित पेंशन देने, 45 दिन के भीतर ट्रेड यूनियनों का पंजीकरण अनिवार्य करने संबंधी कई मांगें उठाई है। प्रदेश महामंत्री शिव राम ने कहा कि मांगेें जल्द पूरी नहीं की तो आंदोलन और तेज कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष होशियार सिंह, जिला महामंत्री रतन लाल, बाबू राम, इंद्र सिंह, संसार चंद, राजेश, जिगरी राम, रंजीत, विक्रम, पुरनीत, प्रीतम, राजेश समेत कई लोग उपस्थित थे।

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