बिलासपुर में डाक्टरों की अदली-बदली

बिलासपुर। सरकारी अस्पतालों में चल रही चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डेपुटेशन पर डाक्चर भेजने का का फार्मूला अपनाया है। मरीजों की कम ओपीडी वाले अस्पतालों से चिकित्सक ऐसे जगह भेजे जा रहे हैं, जहां पर मरीजों की संख्या अधिक हो रही है। मारकंड अस्पताल के बाद अब घवांडल को भी स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सक भेज दिया है। यहां से स्थानांतरित हुए डा. राकेश की जगह अब डा. आलोक कार्य करेंगे। सिंगल इससे पहले पीएचसी टोभा में तैनात थे।
स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की भारी कमी चल रही है। लिहाजा, आसपास के स्थानों से चिकित्सक ऐसी जगह डेपुटेशन पर भेजे जा रहे हैं। जहां अधिक भीड़ रहती है। घवांडल में तैनात दो चिकित्सकों में से एक का घुमारवीं तबादला हुआ है। सीएमओ डा. एमएल कौशल ने बताया कि घवांडल में तैनात डा. राकेश ने प्रसव आदि की विशेष ट्रेनिंग ली है। इसकी घुमारवीं में ज्यादा जरूरत थी। लिहाजा, उन्हें घुमारवीं भेजा गया है। उनके स्थान पर टोभा से डा. आलोक लगाए गए हैं। जबकि टोभा में पहले से दो चिकित्सक थे। अब भी वह एक उपलब्ध है। इसी प्रकार मारकंड के लिए पहले ही डा. अश्वनी कुमार को भेजा गया है। इससे पहले वह पीएचसी छड़ोल में तैनात थे। सीएमओ ने बताया कि जिले भर में चिकित्सकों के लगभग 47 पद खाली चल रहे हैं। ऐसे में चिकित्सकों की तैनाती करना मुश्किल है। आबादी और मरीजों की संख्या को देखते हुए चिकित्सक डेपुटेशन पर लगाए जा रहे हैं।

Related posts