
बिलासपुर। पैरा लीगल वालंटियर और वकीलों की सहायता से ग्रामीणों को आधारीय विधिक सेवाएं उपलब्ध करवाने के मकसद से जनपद में दो लीगल एड क्लीनिक खोले जा रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के निर्देशों के तहत यह पहल की जा रही है। नालसा के निर्देशानुसार देशभर में जिला न्यायालय सहित सभी उपमंडलों में पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांवों में लोगों को न्याय घर द्वार पर सुलभ करवाने के लिए लीगल एड क्लीनिक स्थापित किए जा रहे हैं। 24 जनवरी को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष एवं उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएम लोढा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इनका विधिवत शुभारंभ करेंगे।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज ने बताया कि बिलासपुर जिले में यह क्लीनिक सदर उपमंडल के रघुनाथपुरा तथा घुमारवीं उपमंडल के टकरेहड़ा में शुरू किए जा रहे हैं। यह क्लीनिक असुविधा ग्रस्त व्यक्तियों की सहायता हेतु उनकी विधिक समस्याओं का समाधान करने के लिए एकल खिड़की की तर्ज पर कार्य करेंगे। इसके साथ-साथ अन्य सेवाएं जैसे महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अधीन रोजगार कार्ड, विभिन्न सरकारी प्रायोजनों के परिचय पत्र के लिए आवेदन करना, सरकारी कार्यालयों और लोक प्राधिकारियों के साथ संपर्क करना जैसे कार्य भी विधिक सहायता क्लीनिक का भाग होंगे।
उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों में लोगों की समस्याओं के निदान के लिए व उनको जागरूक करने के लिए रघुनाथपुरा में प्रशिक्षित पैरा लीगल वालंटियर बनवारी लाल, रणजीत सिंह तथा अधिवक्ता आरएल भारद्वाज, टकरेहड़ा में धनी राम, राज कुमार पैरा लीगल वालंटियर तथा अधिवक्ता अनिल ठाकुर को नियुक्त किया है। यह प्रत्येक मंगलवार को क्लीनिक में उपस्थित रहेंगे।
