बिन हथियार आपदा से लड़ने पहुंची मशीनरी

हरिद्वार। प्रदेश की सरकारी मशीनरी बिना हथियार पहाड़ पर आई आपदा से लड़ने पहुंच गई थी। रास्तों पर आया मलबा हटाने के लिए जो जेसीबी मशीनें भेजी गई थी उनमें डीजल ही नहीं था। रास्तों में फंसे यात्रियों की कारों से डीजल निकालकर ड्राइवरों को दिया गया तब जाकर राहत कार्य शुरू हो पाया।
चारधाम यात्रा पर गए ग्राम खुडाना थाना नानौता जिला सहारनपुर, उत्तर प्रदेश निवासी जसवीर राणा, मनोज राणा और रविंद्र राणा ने बताया कि 16 जून को वह लोग बडसू (जिला रुद्रप्र्रयाग) में थे। भारी बारिश के चलते पहाड़ों से मलबा सड़कों पर आ गिरा। रास्ते बंद हो चुके थे और लोग पानी मेें बहने लगे थे। मंजर इतना भयावह था कि हर ओर चीख-पुकार मची थी। सड़कों पर गाड़ियों की कतार लगी थी और ऊपर से पत्थर-पानी लोगों की जान लेने पर आ गए। इस दौरान उन्होंने साक्षात मौत को सामने देखा। कई लोगों ने जीने की उम्मीद छोड़ दी थी। 36 घंटे तक भूख और प्यास से तड़फते लोग आपदा से ऐसे ही जूझते रहे। 36 घंटे बाद सरकारी मशीनरी की ओर से जेसीबी मशीनें रास्ता खोलने के लिए भेजी गई। श्रद्धालुओं के मुताबिक जेसीबी मशीनों में डीजल नहीं था। जेसीबी के ड्राइवरों ने ईंधन न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। जान आफत में देखकर जिन लोगों के पास डीजल की कारें थी, उन्होंने तेल निकाल-निकालकर जेसीबी वालों को दिया। तब जाकर जेसीबी चलनी शुरू हुई।

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