
धर्मशाला/रैत। मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग-154 पर विभाग ने बिना सिग्नल के स्पीड ब्रेकर लगा दिए हैं। गगल के निकटवर्ती मांझी पुल के दोनों ओर विभाग ने ये गतिरोधक लगाए हैं। बेशक महकमे ने मांझी पुल के क्षतिग्रस्त होने के चलते यह कदम उठाया है। लेकिन गतिरोधक पर सिग्नल लगाने की कोई जहमत नहीं उठाई। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि अमूमन एनएच पर वाहनों की रफ्तार व भीड़ को देखते हुए स्पीड ब्रेकर नहीं लगाए जाते। हालांकि गतिरोधक की जरूरत होने की सूरत में सड़क पर कोई साइन बोर्ड लगाना जनहित में बेहद जरूरी है। लेकिन एनएच विभाग ने बिना साइन बोर्ड के स्पीड ब्रेकर लगा दिए हैं। इतना ही नहीं, विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार एनएच विभाग के पास सिग्नल के प्रयोग होने वाला थर्मो प्लास्टिक पेंट ही नहीं है। यह पेंट पठानकोट स्थित कार्यालय से मंगवाना पड़ेगा। लेकिन एनएच विभाग ने पेंट मंगवाने की बजाय साधारण रंगरोगन से ही जड़ दिया। लेकिन यह रोगन दो दिनों में ही मिट चुका है। ऐसे में वाहन चालकों को स्पीड ब्रेकर होने का कोई पता नहीं चल पा रहा। खासकर बाहरी राज्यों व कभी-कभार गुजरने वाले वाहन चालकों को खासी दिक्कत पेश आ रही है। पुल के दोनों ओर लगाए गए इन गतिरोधकों से गाड़ी नीचे भी गिर सकती है।
स्थानीय लोगों का आग्रह
स्थानीय जिला परिषद सदस्य इंदु लगवाल व सीमा चौधरी, ब्लॉक समिति रैत की अध्यक्ष अंजू व उपाध्यक्ष नवीन ठाकुर, पंचायत समिति सदस्य सुधीर राणा, अरुण डोगरा, ग्राम पंचायत रछिलू के प्रधान रोशन, उपप्रधान जैसी, सनौरा के प्रधान सुरेंद्र, उप प्रधान अजय, सराह के प्रधान रजिंद्र, उप प्रधान कर्ण, कैलाश राणा, सुनील दत्त चाइना, पुष्पेंद्र राणा, कैप्टन ओसी मोगरा ने राष्ट्रीय उच्च मार्ग के मुख्य अभियंता से आग्रह किया है कि मांझी पुल के दोनों तरफ बने गतिरोधकों को हटाया जाए।
उधर, एनएच विभाग के गगल स्थित अभियंता मेहर चंद का कहना है कि मांझी पुल की कंक्रीट स्लैब क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसके चलते स्पीड ब्रेकर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि थर्मोप्लास्टिक पेंट न होने की स्थिति में विभाग जल्द ही पुल के दोनों और कैट आई सिग्नल लगाने जा रहा है।
