
बिना बिल के 12 लाख के हीरे पकड़े
सोलन। अवैध रूप से सोलन के बाजारों में बिक्री के लिए लाए जा रहे करीब 12 लाख के हीरे आबकारी एवं कराधान विभाग ने एक कारोबारी से पकड़े हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चंडीगढ़ से ताल्लुक होने का खुलासा किया है।
पक्के बिल प्रस्तुत करने के बाद विभाग ने मौके पर कारोबारी पर 3 लाख 10 हजार रुपये का कर व जुर्माना लगाया है। अधिकारियों के मुताबिक यदि कारोबारी ओरिजनल बिल प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है तो मामला पुलिस को सौंपा जाना था। लिहाजा, अवैध रूप से कारोबार करने वाले के सोलन जिला में कहां कहां लिंक रहे हैं, कहां कहां खरीद फरोख्त की जाती रही, विभाग इन बिंदुओं पर भी छानबीन कर रहा है।
विभाग को अंदेशा है कि सरकार को चूना लगाकर बडे़ पैमाने पर हीरों और हीरों की ज्वैलरी का अवैध कारोबार हो रहा है। इस मामले के बाद कई नामी ज्वेलर विभाग की जांच की फेहरिस्त में शामिल हो गए हैं।
12 हजार के चक्कर में गवाएं 3 लाख
हीरों पर एक फीसदी वैट चार्ज किया जाता है। आबकारी एवं कराधान विभाग के सहआयुक्त राजीव डोगरा ने बताया कि एक फीसदी के हिसाब से 12 लाख के हीरों पर 12 हजार टैक्स बनना था। 12 हजार बचाने के चक्कर में 3 लाख जुर्माने के रूप में संबंधित कारोबारी को चुकाने होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले बेहद कम पकड़े जाते हैं।
20 करोड़ से अधिक का कारोबार
एक अनुमान के मुताबिक सोलन जिले में सालाना बीस करोड़ से अधिक हीरों का कारोबार होता है। करीब 20 लाख का रेवेन्यू जुटाया जाता है। इसके अलावा गोल्ड में भी एक परसेंट के हिसाब से वैट वसूला जाता है।
