
महादेव (मंडी)। सुंदरनगर स्थित सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग का विशेष योग्यता वाला अक्षम बच्चियों का एक मात्र स्कूल अनदेखी का शिकार है। हालत यह हैं कि 104 अक्षम बच्चियों के लिए एक आया और एक ही कुक रखा गया है। इस कारण स्टाफ पर काम का भारी दबाव रहता है। अक्षम बच्चियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सुंदरनगर के हरिपुर में सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के विशेष योग्यता वाले अक्षम बच्चियों के पुनर्वास और शिक्षा के लिए आईसीएसए स्कूल अस्सी के दशक में शुरू किया गया। इसमें कुदरत की मार झेल रही प्रदेश भर की 104 अक्षम बच्चियां शिक्षा ले रही हैं। हाल ही में स्कूल में एक बच्ची के साथ मारपीट करने की शिकायत भी सामने आई थी। इस स्कूल में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। हर वर्ष संख्या के हिसाब से स्टाफ और अन्य सुविधाएं बढ़ाने की बजाय इस स्कूल की अनदेखी की गई है। 104 बच्चियों का स्कूल एक आया और एक कुक, एक सहायक और एक चपरासी के सहारे चल रहा है। स्टाफ की भारी कमी के साथ बच्चियों के हॉस्टल में वार्डन और कार्यालय में अधीक्षक नहीं हैं। हालांकि, स्कूल में दसवीं कक्षा तक पढ़ाई करवाने के लिए 11 शिक्षक तैनात हैं। स्कूल में प्रधानाचार्य भी नहीं है।
जिला कल्याण विभाग के अधीन चल रहे इस विशेष योग्यता वाले स्कूल में 86 बच्चियां मूक एवं श्रवण बाधित और 18 नेत्रहीन हैं।
सुंदरनगर में तहसील कल्याण अधिकारी महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्होेंने नायब तहसीलदार वेद प्रकाश की अगुवाई में जांच की है। संस्थान में स्टाफ की कमी की जानकारी उच्च अधिकारियों भी भेजी है।
