बिना प्रतिस्थानी भेजे प्रवक्ताओं के तबादलों का विरोध

धुमाकोट। राजकीय डिग्री कालेज नैनीडांडा में चार प्रवक्ताओं के तबादले होने से शिक्षण कार्य गड़बड़ाने की स्थिति पैदा हो गई है। कारण उनका कोई प्रतिस्थानी न भेजना है। इसके साथ ही कार्यालय प्रधान सहायक का भी तबादला हो गया है।
वर्तमान में महाविद्यालय में 277 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। कला और वाणिज्य के साथ पिछले सत्र से स्नातक स्तर पर विज्ञान वर्ग की भी कक्षाएं संचालित हो रही हैं। रिक्त पदों के सापेक्ष कोई प्रवक्ता यहां नियुक्त नहीं किया गया है। ऊपर से यहां कार्यरत अर्थशास्त्र, इतिहास, वाणिज्य और जंतु विज्ञान के प्रवक्ता और कार्यालय प्रधान सहायक का तबादला होने से संकट हो गया है। कालेज में भौतिक विज्ञान के एक प्राध्यापक पहले से ही निलंबित चल रहे हैं। महाविद्यालय को इस सत्र से एनएसएस की भी स्वीकृति मिली है।
अचानक प्रवक्ताओं के तबादले से महाविद्यालय की व्यवस्था चरमरा गई है। तबादलों के आदेश के बाद प्राचार्य डा. सुशील सूद भी असहज महसूस कर रहे हैं। ब्लाक प्रमुख आलम सिंह नेगी, ज्येष्ठ प्रमुख सुरेंद्र बिष्ट, कनिष्ठ प्रमुख नरेंद्र रावत, सामाजिक कार्यकर्ता मनीष सुंद्रियाल, बीरेंद्र पटवाल, राजेंद्र चौहान, एमडी रावत आदि ने कालेज के प्राध्यापकों के तबादलों का विरोध किया है। कहा कि बिना प्रतिस्थानी के तबादला उचित नहीं है। कहा कि कालेज की समस्याएं हल नहीे की गई तो व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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