बिना ई-डेक्लेरेशन सामान भेजा तो पेनल्टी

शिमला। आबकारी एवं कराधान विभाग ने छह उत्पादों की आन लाइन डेक्लेरेशन की व्यवस्था को लागू किया है। इसमें औषधि, बिजली, खाद्य तेल, संगमरमर, फर्नीचर और इमारती लकड़ी के उत्पाद शामिल हैं। अब इन उत्पादों की तीस हजार रुपये से ज्यादा की बिक्री की आनलाइन सूचना पहले ही देनी होगी। आनलाइन सूचना के बगैर ऐसे उत्पादों का सामान हिमाचल में ही भेजने पर 25 फीसदी की पेनल्टी की व्यवस्था कर दी है। इसे आबकारी एवं कराधान विभाग ने लागू कर दिया है। इसके लिए विभाग ने अधिसूचना कर इसे अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले विक्रेता कारोबारी की तरफ से जारी बिल को ही प्रमाणपत्र माना जाता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत तीस हजार से ज्यादा की बिक्री पर ई डेक्लेरेशन को अनिवार्य किया है। इससे पहले सरकार ने एक दिसंबर को इस्पात, प्लाइवुड और सनमाइका के कारोबारियों को इसके तहत लाया था। अब छह और उत्पादों को इसमें शामिल किया है। विभाग को उम्मीद हैं कि नई व्यवस्था के लागू होने के बाद हिमाचल में टैक्स के रूप में होने वाले राजस्व से बढ़ोतरी मिल सकेगी।
प्रदेश के आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने बताया कि इन उत्पादों को नई व्यवस्था में शामिल करने से टैक्स में इजाफा हुआ है। आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है।

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