
गगरेट (ऊना)। चिंतपूर्णी छिन्नमस्तिका धाम में 27 जुलाई से लगने वाले सावन अष्टमी मेले कोे लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। इस बार बिना अनुमति के लंगर लगाने वाले मां के भक्तों को कानूनी कार्रवाई से गुजरना पड़ सकता है। होशियारपुर से चिंतपूर्णी मार्ग तक सैकड़ों भक्तों की ओर से लंगर लगाए जाते हैं। इस दौरान विभिन्न धार्मिक कमेटियां यहां से गुजरने वाले यात्रियों की सेवा के लिए मुफ्त में विभिन्न प्रकार के पकवान परोस कर उनकी सेवा करते हैं। लेकिन इस बार प्रशासन ने बिना अनुमति के लंगर लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई का मन बना लिया है।
डीएसपी अंब सागर चंद शर्मा ने बताया कि इस बार प्रदेश की सीमा में लंगर लगाने वाली कमेटियों को इस बाबत कड़ी हिदायत दे दी गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित पंचायतों को भी इस बारे में सूचना मुहैया करवा दी है कि नियमों की अवहेलना करने वाली धार्मिक संस्थाओं पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क पर रास्ता रोककर जो लंगर बांटेंगे, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। मेला के दौरान सड़क मार्ग पर पैदल यात्रियों एवं वाहनों की खासी भीड़ होती है। इस दौरान सड़क मार्ग रोककर लंगर का सामान बांटने से जाम की स्थिति बन जाती है। इससे दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। इस बार मेले में यदि सभी नियमों की पालना सही तरीके से होगी, तो घंटों लगने वाले जाम एवं सड़क मार्ग पर बिखरने वाली गंदगी से भी काफी हद तक बचा जा सकता है।
पहल को सराहा
क्षेत्र के बुद्धिजीवियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की है। बुद्धिजीवियों रमेश चंद लौ, विजय भारद्वाज, आरपी शर्मा, नरेंद्र राणा, विकास शर्मा, विजय कुमार, राजेश ठाकुर, धर्मवीर ठाकुर ने कहा कि मेला के दौरान अव्यवस्था के कारण बाजार जाना भी मुश्किल लगता है। यदि इन सभी नियमों के साथ-साथ ट्रैफिक व्यस्था भी सुधर जाए, तो यह मेला आराम से गुजर जाएगा तथा मेला के बाद गंदगी से बीमारी फैलने का भी खतरा समाप्त हो जाएगा।
सड़क से पांच मीटर की दूरी
वहीं, गगरेट पंचायत के अधीन पड़ने वाले क्षेत्र आशा देवी से शिवबाड़ी तक लगभग नौ लंगर कमेटियों ने लगाने की अनुमति प्राप्त की है। अप्पर गगरेट के प्रधान रमेश हीर ने कहा कि मुख्य मार्ग से पांच मीटर की दूरी पर यह लंगर लगाए जाएंगे। मेले के दौरान पुलिस प्रशासन आपराधिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
