
शिमला। बिजली प्रोजेक्टों के लिए बाहर से आने वाली मशीनों पर एंट्री टैक्स नहीं लगेगा। सरकार ने इसमें छूट दी है। सरकार ने वैट में भी छूट दी है। जलविद्युत उत्पादन में प्रयोग होने वाली सभी प्रकार की मशीनरी एवं संयंत्र पर वैट भी घटा कर दो फीसदी किया है। पहले यह 13.75 या 5 प्रतिशत रहता था। हिमाचल में मूल निवासियों के लिए आरक्षित 2 मेगावाट की परियोजनाओं से 12 साल तक की अवधि को सात के बजाय तीन फीसदी निशुल्क बिजली देनी होगी। 5 मेगावाट तक जलविद्युत परियोजनाओं के आवंटन में प्रदेश के निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। हिमाचल में अगले साल 2000 मेगावाट बिजली का अतिरिक्त दोहन किया जाएगा। प्रदेश सरकार बोर्ड के बकाया ऋण की 564 करोड़ की देनदारी स्वयं उठाएगी। इससे परिषद की आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार होगा। साथ ही बोर्ड की 898 करोड़ की सरकारी गारंटी सरकार देगी। हिमाचल के लोगों को सस्ती बिजली देने के लिए 330 करोड़ का उपदान भी प्रदान किया जाएगा।
