बिजली की तार ने ली बच्ची की जान

चुवाड़ी (चंबा)। भटियात उपमंडल के चुवाड़ी शिक्षा खंड के साड़ल पंचायत के प्राइमरी स्कूल कुठेड़ की छात्रा की सड़क पर टूट कर पड़ी बिजली की तार की चपेट में आने से मौत हो गई। इस स्कूल की तीसरी कक्षा की छात्रा शाम तीन बजे स्कूल से छुट्टी के बाद बाकी बच्चों के साथ हंसते-खेलते घर लौट रही थी कि विद्युत बोर्ड की लापरवाही से सड़क पर पड़ी एक बिजली की तार ने उसकी सांसें छीन लीं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कुठेड़ स्कूल में तीसरी कक्षा में पढ़ रही आठ वर्षीय बिंदू देवी पुत्री चमन लाल निवासी पुखरी पंचायत साड़ल इस दर्दनाक हादसे की शिकार हुई हैं। स्कूली छात्रा ने घर लोटते समय जमीन पर पड़ी बिजली की तार को खेलते-खेलते हाथ में पकड़ लिया। मौत की फांस की तरह पड़ी इस तार को जैसे ही उसका हाथ लगा तो बिजली का करंट उसके नन्हे शरीर में दौड़ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बिंदू के साथ छुट्टी कर लौटे बच्चों ने शोर मचाया और बच्चों ने भाग कर घर जा कर लड़की के ताया पूर्ण को इस बारे में बताया। पूर्ण को जैसे ही पता चला तो वह पूर्ण मौके की ओर भागा, मगर जब तक वह वहां पर पहुंचा तो बच्ची की मौत हो चुकी थी। बच्ची के घर वालों ने इस बारे में स्कूल प्रशासन व पुलिस को सूचित किया। पुलिस सूचना मिलने के बाद मौके के लिए रवाना हो गई और देर शाम तक पुलिस से बच्ची के शव को कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। विद्युत बोर्ड की लापरवाही पहले भी जिला में कई लोगों की जान ले चुकी है। वही चुवाड़ी शिक्षा खंड के बीपीओं उत्तम चंद ने बताया कि बिंदू देवी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई है। ज्ञात रहे कि क्षेत्र में विद्युत बोर्ड की तारों की हालत ठीक नहीं है। पहले भी लगभग एक वर्ष पूर्व चुवाड़ी में अपनी मां के साथ खेतों में गए एक बच्चे को करंट लग गया था। इससे उसके दोनाें बाजू कट गए थे। उधर, एसपी जगतराम ने कहा कि पुलिस ने शव कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। इस मामले में बिजली की तार के सड़क पर गिरने के कारणों की भी जांच की जाएगी।
बोर्ड की लापरवाही ने ली जान
हादसे का कारण विद्युत बोर्ड की लापरवाही से सड़क पर गिरी विद्युत तार को ही माना जा रहा है। लोगों में इस बात को लेकर भी खासी नाराजगी थी कि अगर बाकी बच्चे भी एक साथ तार को छू लेते तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों का आरोप है कि दो दिन पूर्व सड़क पर गिरी तार के बारे में बोर्ड कर्मचारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन उन्होंने इस ओर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि बोर्ड की लापरवाही के कारण बच्ची की जान गई है।

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