बालिका के अपहरण का प्रयास, पथराव और फायरिंग में पांच घायल

जपुर। एक घर में घुसकर हथियारों से लैस आधा दर्जन लोगों ने पांच वर्षीय बालिका का अपहरण करने की कौशिश की। परिजनों के विरोध करने पर अपहरणकर्ताओं ने लाठी डंडे चाकू से हमला कर दिया और फायरिंग कर फरार हो गये। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर भाग रही महिला समेत पांच लोगों को पकड़कर लाठी डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया। पथराव में एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला सहित पांच लोगों को हिरासत में ले लिया। बताया जाता है कि अपहरणकर्ता बालिका के चचेरे नानापक्ष के हैं। बच्ची को गोद लेने या देने को लेकर भी विवाद है।
संदीप सिंह ने कोतवाली में तीन नामजद और छह अन्य लोगों पर पुत्री के अपहरण करने की कौशिश और जान लेवा हमला कर घायल करने, धमकी देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शनिवार को अपराह्न तीन बजे कार संख्या पीबी 03/7503 और बाइक पर सवार करीब आधा दर्जन लोग हथियारों से लैस होकर गांव भौनाइस्लामनगर निवासी संदीप सिंह के घर पर पंहुचे। उन्होंने संदीप सिंह की पत्नी मनप्रीत कौर की गोद से पांच वर्षीय बच्ची डोली को जबरन छीन लिया। विरोध करने पर अपहरणकर्ताओं ने लाठी डंडे चाकू से हमला कर दिया। इस दौरान अपहरणकर्ताओं और परिजनों के बीच मारपीट हुई, जिसमें बच्ची का पिता, दादा गोपाल सिंह सहित चार लोग चोटिल हो गये। खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लग गई। अपने घिरता देख अपहरणकर्ताआें ने हवाई फायरिंग कर फरार हो गये। जिस पर ग्रामीणों ने पथराव कर एक महिला सहित पांच लोगों को पकड़ लिया। जबकि एक युवक फरार हो गया। ग्रामीणों के हमला में अपहरण कर्ता कुलवीर सिंह, उसकी पत्नी जसवीर कौर निवासी गांव बन्नाखेड़ा सानी, संजय सिंह निवासी गांव नरखेड़ा, शाहरु अली निवासी मुडिया पिस्तौर, नाजित निवासी बन्नाखेड़ा सानी घायल हो गये और कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद भारी संख्या में लोग कोतवाली में आ धमके। इस दौरान अपहरणकर्ताओं की पैरवी करने पहुंची बालिका की नानी एक महिला ने जमकर बवाल किया। महिला हैड कांस्टेबिल नीमा मेर ने उत्पाती महिला को पकड़ कर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने भीड़ को लाठियां फटकार कर खदेड़ दिया। कोतवाल डीआर आर्य ने बताया कि संदीप सिंह की तहरीर पर धारा 452, 307, 147, 148 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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अपहरण करने नहीं मिलने आये थे
बाजपुर। गांव बन्नाखेड़ा निवासी कुलवीर सिंह ने कोतवाली में तहरीर देकर कहा है कि बच्ची का अपहरण करने नहीं बल्कि अपनी भतीजी मनप्रीत कौर से गोद ली गई बच्ची डोली को मिलने और लेने आये थे, लेकिन परिजनों ने ग्रामीणों के साथ घेराबंदी कर उन्हें मारपीट कर घायल कर दिया। बच्ची डोली को जन्म के बीस दिन बाद ही गोद लिया था, लेकिन कोई गोद नामा नहीं हुआ था। बच्ची की उन्होंने चार साल तक परवरिश की है। पिछले दिनों मामला एसडीएम के समक्ष रखा गया था। एसडीएम ने बच्ची को मनप्रीत कौर के साथ रहने के लिए कहते हुए उसे दे दिया था। शनिवार को बच्ची की याद आने पर उससे मिलने आये थे। परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उनके ऊपर जान लेवा हमला कर उसे और उसकी पत्नी जसवीर कौर सहित उनके सहयोगियों को घायल कर दिया है। कोतवाल आर्य ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इधर मनप्रीत कौर का कहना है कि गोद कोई लिखित में नहीं हुआ था। पिछले दिनों एसडीएम के समक्ष मामला आने पर एसडीएम के निर्देश पर ही बच्ची उन्हें मिली थी। अब वह बच्ची को उन्हें नहीं देना चाहती है।

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