
कपकोट। मल्ला दानपुर के दूरस्थ गांवों में बारिश और भूस्खलन के चलते आधारभूत सुविधाआें का ढांचा ध्वस्त हो गया है। आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। हरकोट सहित तमाम गांवों में लगातार बारिश के कारण पैदल रास्तों और सार्वजनिक संपदाओं के पुनर्निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है।
यह इलाका एक तरफ बागेश्वर जिले के मल्ला दानपुर से और दूसरी तरफ चमोली जिले के साथ लगा है। पिंडर और शंभू नदी के मध्य बसे गांव शुरू से ही संवेदनशील रहे हैं। अतिवृष्टि के कारण नदी नालों में अक्सर बाढ़ आ जाती है, लोग पैदल पुलों से आवागमन करते हैं। इस बारिश में दोनों नदियों के सभी पुल बह गए। ग्रामीणों के अनुसार कुंवारी, बोराचक, झारकोट, बदियाकोट, किलपारा, सोराग, बाछम, खाती आदि गांव टापू की तरह अलग-थलग पड़ गए थे। अब अस्थायी तौर पर आवागमन बहाल कर लिया गया है। लेकिन पैदल रास्ते अभी भी भूस्खलन की चपेट में हैं। हरकोट की प्रधान चनुली देवी ने बताया कि गांव विद्यालय भवन सहित पांच मकान खतरे की जद में हैं। तीन परिवारों को अन्यत्र बसाया गया है। मुनार से हरकोट को जाने वाला खच्चर मार्ग और गांव के लगभग सभी संपर्क मार्ग ध्वस्त हैं। राशन आदि के ढुलान में दिक्कतें आ रही हैं। रास्तों को जल्दी ठीक करने की आवश्यकता है।
