
लगातार बारिश से टिहरी बांध की झील का जलस्तर भी बढ़ रहा है। मंगलवार को जलस्तर आरएल 818.05 मीटर तक पहुंच गया। मानसून का यही रुख रहा तो जल्द ही जलस्तर 825 के लेवल को छू लेगा। इससे झील के आसपास रह रहे ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है। झील का जल स्तर बढ़ने पर निकटवर्ती गांवों में भूस्खलन की समस्या बढ़ने लगती है।
सोमवार रात से मंगलवार तक आसमान से एक बार फिर आफत बरसी। जोरदार बारिश से भागीरथी, अलकनंदा, मंदाकिनी, गंगा, समेत कई नदियां फिर उफान पर हैं। भूस्खलन से राजमार्गों समेत कई रास्ते बंद हो गए। कुछ खुले, कुछ अब भी बंद हैं।
उत्तरकाशी के भेटियारा गांव में पनियार गदेरे पर बना लकड़ी का पुल पार करते वक्त सात वर्षीय छात्र गदेरे में बह गया। दूसरी कक्षा के छात्र अमन का शव पुल से 200 मीटर की दूरी पर बरामद हुआ। बच्चा मां के साथ पुल पार कर रहा था। इसी दौरान उसे ठोकर लग गई।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब
मूसलाधार बारिश से हरिद्वार में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। सुबह जलस्तर 293 मीटर था। शाम को जलस्तर बढ़कर 293.70 मीटर (खतरे का निशान 294 मीटर) तक पहुंच गया। प्रशासन ने हाईअलर्ट जारी कर दिया है।
गंगा में उफान ने तटवर्ती इलाकों में रहने वालों लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हरिद्वार, रुड़की क्षेत्र में किंधली, रतमऊ, सेवला, सोलानी जैसी नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है। इससे आसपास के गांवों को खतरा पैदा हो गया है। गंगा खादर में छह गांवों को बाढ़ ने चपेट में ले लिया है।
उत्तरकाशी में भागीरथी के अलावा चमोली में अलकनंदा और रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी भी उफान पर है। विकासनगर क्षेत्र में यमुना और टौंस के साथ ही अन्य नदियां उफान पर रहीं। साहिया में अमलावा ने एक बार फिर लोगों के दिलों की धड़कने बढ़ा दी है। नदी ने रौद्र रूप ले लिया है। ऋषिकेश में चंद्रभागा नदी उफान पर है। इससे पास की बस्तियां खतरे की जद में हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को भी भारी बारिश की आशंका जताई है। इससे खतरा बढ़ने की आशंका है।
