बारिश में वन्यजीवों के शिकार का खतरा

रुड़की। लगातार तेज बारिश के चलते जंगल के कच्चे रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए। वन कर्मियों को गश्त करने में दिक्कत आ रही है। मार्ग के क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहन से जंगल में गश्त करना संभव नहीं रह गया। ऐसे में आबादी से सटे जंगलों में शिकार का खतरा बढ़ गया है। शिकारियों और वन तस्करों की सक्रियता बढ़ने का अंदेशा हो गया है।
वन विभाग की रुड़की सबडिवीजन में लगभग छह हजार हेक्टेयर का जंगल है। सबडिवीजन की खानपुर रेंज में सबसे ज्यादा घना जंगल है। बारिश के चलते जंगल का ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है। पूरे मानसून में जंगल का ट्रैक आए दिन क्षतिग्रस्त होता है। जंगल में वाहन से गश्त करना संभव नहीं रह गया है। ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने और रास्तों में पानी भरने से पैदल गश्त करना काफी कठिन हो गया है। ऐसे में हालात का फायदा उठाते हुए वन्यजीव तस्करों के सक्रिय होने का पूरा खतरा बना हुआ है। शिकार का खतरा सबसे ज्यादा जंगल से सटे वाले आबादी वाले क्षेत्रों में है। वन कर्मी क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत करने में जुटे हैं। फिलहाल अधिकारियों ने रेंजरों को अपनी रेंजो में लगातार गश्त के निर्देश दिए हैं।

कोट
सबडिवीजन की खानपुर रेंज बड़ा जंगल है। बारिश के चलते ट्रैक के क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल उसे ठीक कराया जाता है। वन कर्मियों को क्षतिग्रस्त ट्रैक को चिह्नित कर ठीक करने के निर्देश दिए हैं। बारिश के दौरान वाहन से गश्त करना संभव नहीं होता। रेंजरों को लगातार गश्त करने के लिए निर्देश दिए हैं। मेरे सामने अभी तक किसी बड़े शिकारी की घटना सामने नहीं आई है।
-एसपी सिंह, एसडीओ, रुड़की सबडिवीजन

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