
भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा पर जाने वाले शिव भक्तों की इस बार कड़ी परीक्षा ली जा रही है। इंद्रदेव उन्हें जमकर भिगोने के बाद ही कैलाश पर्वत की ओर भेज रहे हैं। बुधवार को हालांकि सारा दिन मौसम साफ रहा, लेकिन वीरवार को दोपहर के बाद मौसम ने अचानक रुख बदला और बारिश शुरू हो गई। इससे भरमाणी और मणिमहेश की ओर जाने वाले यात्रियों को भीगना पड़ा। बारिश में भी मणिमहेश यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के जोश में कोई कमी नहीं आ रही है। भरमाणी माता और भोले बाबा की जय जयकार करते हुए श्रद्धालु अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। मणिमहेश यात्रा का श्रीगणेश भरमाणी के दर्शन से होता है। श्रद्धालु भरमाणी माता के ब्रह्मकुंड में स्नान करने के बाद कैलाश पर्वत की ओर रवाना होते हैं। बिना भरमाणी माता के दर्शन और बिना स्नान के इस यात्रा का पूरा फल नहीं मिल पाता है, जो यात्री मणिमहेश यात्रा पर गए हैं उनके मन में केदारनाथ में हुई भयंकर त्रासदी का कोई भय नहीं है वे बेझिझक होकर भोले बाबा की श्रद्धा को लेकर कैलाश पर्वत की ओर बढ़ रहे हैं। कुछ दिन से इलाके में बारिश भी हो रही है, लेकिन श्रद्धालु लगातार यात्रा पर जा रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि छोटे स्नान के दौरान मौसम साफ हो जाएगा। उसके बाद श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। यात्रा के दौरान लूणा से डल झील तक जगह-जगह पड़ावों पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने लंगर लगाने के लिए आवेदन कर रखे हैं। कुछ स्थानों पर तो लंगर शुरू हो गए हैं। चार धाम की यात्रा करके आए अविनाश, विवके, रोहित और राजीव का कहना है कि वे चार बार चार धाम की यात्रा कर चुके हैं और मणिमहेश यात्रा पर तीसरी बार जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जो प्राकृतिक आपदा हुई वे उससे पहले ही वहां यात्रा कर चुके थे। उन्होंने कहा कि मन में सच्ची श्रद्धा और विश्वास हो तो भोले बाबा उनकी रक्षा करते हैं। उधर, यात्रा के दौरान जगह-जगह पड़ावों पर पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात कर दिए गए हैं।
