
मंडी। जिले में आसमानी आफत अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान कर चुकी है। जिले के चार स्थानों पर बादल फटने की घटना ने लोगों की नींद हराम कर दी है। कुदरत के इस कहर से कई परिवार सब कुछ गंवाने से बेघर हो गए। अभी भी भारी बारिश से नुकसान का खतरा थमा नहीं है। मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की संभावना जताने पर प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन के मुताबिक अब तक 70 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है।
इसमें आईपीएच तथा लोक निर्माण विभाग को हुआ नुकसान शामिल नहीं है। मानसून सीजन में इस बार सबसे पहले बगस्याड़ क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही मची थी। सेब के बगीचे, बगस्याड़ के पास पक्का पुल ध्वस्त होने से जंजैहली मार्ग पर कई दिनों तक यातायात बंद रहा। प्रशासन की ओर से करीब दो करोड़ का नुकसान आंका गया था। इसके बाद तुंगल क्षेत्र के बलाहर गांव में बादल फटने से किसानों की कई बीघा भूमि बह गई थी। इससे लाखों का नुकसान हुआ था। लडभड़ोल तहसील के कोलंग गांव में बादल फटने से निजी तथा सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हुआ है।
बरोट क्षेल के खलैल गांव में बादल फटने की घटना से नागर नाला में आई बाढ़ ने कहर बरपाया। इसके अलावा कटौला क्षेत्र के सेगली पंचायत के बागी गांव में कई मकानों तथा दुकानों में पानी सहित मलबा घुसने से लाखों का नुकसान हुआ है। भूस्खलन के कारण धर्मपुर क्षेत्र के भरौरी पंचायत के सतरेहड़ तथा मठी बनवार गांव में रिहायशी मकान जमींदोज होने से कई परिवार बेघर हो गए हैं। प्रभावित परिवारों के पास पहनने के लिए कपड़े तक नहीं बचे।
अतिरिक्त उपायुक्त गोपाल चंद ने बताया कि जिले में अब तक भारी बारिश से करीब 70 करोड़ नुकसान का अनुमान है। इसमें आईपीएच तथा लोक निर्माण विभाग को हुआ नुकसान शामिल नहीं है। राजस्व विभाग के अधिकारियों को नुकसान का आकलन करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद ही नुकसान की फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
