बाबा के दरबार की यात्रा जोखिम भरी

झंडूता (बिलासपुर)। बाबा बालकनाथ की तपोस्थली शाहतलाई के लिए कदम-कदम पर जोखिम है। बिलासपुर से झंडूता-कलौल होते हुए शाहतलाई तक बनी सड़क पर कई जगह पर सफर जोखिम भरा है। मांडवा पुल के समीप तो स्थिति और भी गंभीर है। खराब मौसम होने पर यहां अकसर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। तंग सड़क में पैरापिट तक नहीं लगाए गए हैं।
हर साल शाहतलाई में लाखों श्रद्धालु आते हैं। चैत्र और श्रावण महीने के नवरात्र में यह संख्या और भी बढ़ जाती है। हालांकि, मांडवा तक सड़क ठीकठाक है लेकिन, मांडवा पुल के समीप लगभग एक किलोमीटर के दायरे में सफर करना जान खतरे में डालने जैसा है। पहाड़ी धरकने लगी है। सड़क के किनारे पैरापिट तक नहीं है। थोडे़-बहुत जो पैरापिट हैं, उनकी हालत भी खस्ता हो गई है। बावजूद इसके लोनिवि ने सड़क को दुरुस्त करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। बाबा बालक नाथ के दर्शन कर लौटे होशियार सिंह, दलजीत सिंह, रुकमणी देवी ने कहा कि मांडवा पुल के समीप सफर जोखिम भरा है। मौसम साफ रहने पर हालांकि यहां यातायात जारी है, लेकिन बरसात में यहां अनहोनी घटना भी हो सकती है। लिहाजा, विभाग को लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन को रोकना चाहिए।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता पीसी वर्मा ने कहा कि विभाग की टीम मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लेगी। जहां भूस्खलन हो रहा है, उसे रोकने के प्रयास किए जाएंगे। पैरापिट के लिए भी प्रपोजल भेजा गया है।

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