
हरिद्वार। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में महामारी रोगों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। जिसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। रैपिट रिस्पांस टीम गठित करने के साथ-साथ महामारी रोगों की सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इसके साथ ही बुधवार से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है।
प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतरने के बाद बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है। शहर समेत जनपद के अन्य बाढ़ प्रभावित हिस्सों में मलेरिया, उल्टी-दस्ती, हैजा, पीलिया और टाईफाइड बीमारियों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। गंदगी और दूषित पानी इसका सबसे बड़ा कारण बनता है। जैसे-जैसे मलबा सड़ने लगेगा हालात बिगड़ सकते हैं। महामारी फैलने के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने मुस्तैदी का दावा किया है। विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। बुधवार को एपिडेमेलॉजिस्ट डा. नवनीत किशोर की अगुवाई में विभागी टीम ने पंतद्वीप, चमगादड़ टापू, सर्वानंद घाट, बैरागी कैंप, दूधियाबंद, रोड़ीबेलवाला का दौरा किया। इस दौरान कुछ बीमार लोगों को दवाएं दी गई। लोगों को पानी उबलाकर पीने की सलाह दी गई है। साथ ही बीमार होने की स्थिति में सरकार अस्पताल में इलाज कराने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल इन क्षेत्रों में महामारी रोग से पीड़ित मरीज नहीं मिले हैं। बृहस्पतिवार को भी सर्वे का काम जारी रहेगा।
जिले के साथ क्षेत्रीय रैपिड रिस्पांस टीम भी गठित की गई हैं।
खानपुर और लक्सर को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखते हुए दवाएं, मलेरिया जांच रैपिड किट, स्लायड और कीटनाशक दवाएं भेज दी गई हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। किसी भी बीमारी के फैलने की स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाई जाएगी।
– गुरनाम सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी
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इन नंबरों पर दें महामारी फैलने की सूचना
– 01334-239902, 239600
