
लक्सर। सोपरी में तटबंध टूटने के बाद गांवों में आ रहा गंगा का पानी जानलेवा बनने लगा है। नंदपुर गांव के युवक की जिंदगी बाढ़ के पानी ने छीन ली। युवक की मौत के बाद भड़के कई गांवों के लोगों ने रायसी-निरंजनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। समझाने पहुंचे तहसील और पुलिस के अधिकारियों को ग्रामीणों ने घेरकर बंधक बना लिया। ग्रामीण बाढ़ के लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। देर शाम को अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए और जाम खोल दिया।
कोतवाली क्षेत्र के नंदपुर गांव का 35 वर्षीय सुरेंद्र पुत्र विक्रम सिंह रायसी पुलिस चौकी में खाना बनाने का काम करता था। शुक्रवार दोपहर को खाना बनाने के बाद वह वापस गांव लौट रहा था। गांव के रास्ते पर भी पानी भरा हुआ है। बताया जा रहा है कि एक जगह पर पानी का बहाव तेज था और उसकी चपेट में आकर वह बह गया। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने उसकी तलाश की तो वह आधा किलोमीटर दूर अचेतावस्था में मिला। ग्रामीण उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लक्सर ले आए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीणों ने रायसी-निरंजनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर एसडीएम मोहम्मद नासिर, पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज कत्याल मौके पर पहुंचे। गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेरकर बंधक बना लिया। ग्रामीणों की मांग थी कि गांव में आई बाढ़ के लिए सिंचाई विभाग जिम्मेदार है और विभागीय अधिकारियों को मौके पर बुलाया जाए। ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग भी की। प्रशासनिक अधिकारियों के बुलाने पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता दीक्षांत गुप्ता मौके पर पहुंचे। इसी बीच एसपी देहात अजय सिंह भी ग्रामीणों को समझाने पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के पानी की निकासी के लिए गंगदासपुर के पास तटबंध तोड़ा जाए या फिर रायसी पुलिया से पानी की निकासी शुरू की जाए, लेकिन अधिकारियों ने ऐसा करने को लेकर हाथ खड़े कर दिए। लक्सर विधायक संजय गुप्ता और बहादराबाद के विधायक आदेश चौहान भी वहां पहुंचे। देर शाम तक ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की जाती रही। लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में एसडीएम और सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ने आश्वासन दिया कि कुड़ी भगवान के पास वाली पुलिस पर छह पाइप डाले जाएंगे। यहां से गंगा के पानी की निकासी कराई जाएगी। इसके अलावा मृतक के परिजनों को सरकारी सहायता दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीण मान गए और अधिकारियों को जाने दिया।
