बाढ़ का भय, ग्रामीणों ने सामान छत पर चढ़ायाबाढ़ का भय, ग्रामीणों ने सामान छत पर चढ़ाया

पथरी। मंगलवार को जैसे ही गंगा खतरे के निशान को पार होने की सूचना क्षेत्र के ग्रामीणों को मिली सामान छत पर चढ़ाने लग गए। कुछ लोग जलस्तर की पल-पल खबर लेने में जुट गए। कई लोगों को रात को भी जलस्तर पर निगाह रखने के लिए जिम्मेदारी दी गई।
17 जून के बाद पहाड़ों में हुई तेज बारिश के बाद मंगलवार को फिर से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इससे गंगा किनारे के गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। बिशनपुर कुंडी, पुरानी कुंडी, टांडा भागमल, भोगपुर आदि गांवों में प्रशासन ने हाईअलर्ट जारी कर दिया है। इसकी सूचना मिलती है ग्रामीणों की नींद भी गायब हो गई। बिशनपुर कुंडी निवासी सुदेश पाल, पुरानी कुंडी निवासी बाबूराम, टांडा भागमल निवासी सेठपाल और रमेश कुमार, भोगपुर निवासी बालचंद का कहना है कि 17 जून को गंगा में आई बाढ़ से उनकी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इससे उनके सामने चारे का भी संकट छाया हुआ है। अब राशन आदि की भी समस्या होने लग गई है। अब फिर से बाढ़ आती है तो भूखे मरने की स्थिति पैदा हो जाएगी। बाढ़ का भय, ग्रामीणों ने सामान छत पर चढ़ाया
पथरी क्षेत्र में गंगा का पानी घुसने की आशंका
अमर उजाला ब्यूरो
पथरी। मंगलवार को जैसे ही गंगा खतरे के निशान को पार होने की सूचना क्षेत्र के ग्रामीणों को मिली सामान छत पर चढ़ाने लग गए। कुछ लोग जलस्तर की पल-पल खबर लेने में जुट गए। कई लोगों को रात को भी जलस्तर पर निगाह रखने के लिए जिम्मेदारी दी गई।
17 जून के बाद पहाड़ों में हुई तेज बारिश के बाद मंगलवार को फिर से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। इससे गंगा किनारे के गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। बिशनपुर कुंडी, पुरानी कुंडी, टांडा भागमल, भोगपुर आदि गांवों में प्रशासन ने हाईअलर्ट जारी कर दिया है। इसकी सूचना मिलती है ग्रामीणों की नींद भी गायब हो गई। बिशनपुर कुंडी निवासी सुदेश पाल, पुरानी कुंडी निवासी बाबूराम, टांडा भागमल निवासी सेठपाल और रमेश कुमार, भोगपुर निवासी बालचंद का कहना है कि 17 जून को गंगा में आई बाढ़ से उनकी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इससे उनके सामने चारे का भी संकट छाया हुआ है। अब राशन आदि की भी समस्या होने लग गई है। अब फिर से बाढ़ आती है तो भूखे मरने की स्थिति पैदा हो जाएगी।

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