बागथन पीएचसी में स्टाफ का टोटा

सराहां (सिरमौर)। पच्छाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बागथन पीएचसी में पिछले डेढ़ वर्ष से चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट नहीं होने से क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों के ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाआें से महरूम है। सरकार ने लगभग 60 लाख रुपयों की राशि से पीएचसी का भवन बागथन का निर्माण करवाया था मगर इस पीएचसी में पिछले डेढ़ साल से न तो कोई चिकित्सक है और न ही फार्मासिस्ट।
ऐसे में क्षेत्र की बागथन, बजगा, लाना बाका, डिंगर किन्नर, धार टिक्करी एवं नहर स्वार पंचायतों के सैकड़ों लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। क्षेत्र के लोगों को अपना उपचार करवाने हेतु 20 से लेकर 50 किलोमीटर दूर सराहां, नाहन तथा सोलन की ओर जाना पड़ रहा है। पीएचसी में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों तक पहुंचा रहा है।
बागथन पंचायत प्रधान महेंद्र सिंह, उपप्रधान देशराज, हिमाचल प्रदेश दुग्ध प्रसंघ के पूर्व निदेशक हुनर सिंह, लाना बाका पंचायत प्रधान बाल मुकंद, संजय कुमार, चंद्र देव शर्मा, प्रकाश दत्त, डिंगर किन्नर पंचायत प्रधान आशा देवी, रणवीर सिंह एवं प्रेम दत्त आदि ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से सरकार एवं स्थानीय नेताओं ने बागथन पीएचसी में चिकित्सकों एवं फार्मासिस्टों की नियुक्ति नहीं की। लोगों में इसे लेकर भारी रोष है। उधर, बीएमओ पच्छाद डॉ. यशवंत कुमार ने बताया कि बागथन पीएचसी में खाली पड़े चिकित्सक एवं फार्मासिस्ट के पदों बारे उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। उम्मीद है जल्द ही पद भरे जाएंगे।

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