बाईपास, ओपन हार्ट सर्जरी अब टांडा में

धर्मशाला। बाईपास और ओपन हार्ट सर्जरी के लिए प्रदेश के मरीजों को अब पीजीआई चंडीगढ़ और दिल्ली के अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। प्रदेश में पहली बार यह व्यवस्था टांडा मेडिकल कॉलेज में की जा रही है। टीएमसी में ही बाईपास सर्जरी, ओपन हार्ट सर्जरी, दिल की बंद नसों के सफल ऑपरेशन किए जाएंगे। अस्पताल में हार्ट विशेषज्ञ तो हैं, मगर जरूरी उपकरण न होने के कारण मरीजों को हार्ट संबंधी ऑपरेशन के लिए पीजीआई और दिल्ली रेफर किया जा रहा था। इससे मरीजों को लाखों रुपये खर्च करने पड़ रहे थे।
अब टांडा मेडिकल कॉलेज में हार्ट स्पेशियलिटी ब्लॉक का शुभारंभ किया जा रहा है। ब्लॉक में दिल के ऑपरेशन से संबंधित उपकरण और मशीनें रखी जाएंगी। इसके लिए टीएमसी प्रशासन ने डिमांड दे दी है। टांडा मेडिकल कॉलेज में तैनात हार्ट विशेषज्ञाें को पीजीआई और अन्य अस्पतालों के हार्ट विशेषज्ञ ऑपरेशन की ट्रेनिंग भी देंगे। इसके बाद विशेषज्ञ हार्ट से जुड़ी जटिल बीमारियों के सफल ऑपरेशन करेंगे। उधर, टांडा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. अनिल चौहान ने बताया कि हार्ट स्पेशियलिटी ब्लॉक का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद हार्ट से संबंधित ऑपरेशन टांडा मेडिकल कॉलेज में ही संभव हो पाएंगे।

..कोट्स
जटिल बीमारियों के ऑपरेशन संभव होंगे
टांडा मेडिकल कॉलेज के हार्ट विशेषज्ञ मुकुल भटनागर ने बताया कि उपकरण न होने के कारण टांडा में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। उपकरणों की खरीद को डिमांड दी गई है। अब जटिल बीमारियों के ऑपरेशन यहां संभव होंगे।

सरकारी और निजी अस्पतालों में खर्च
पीजीआई और सरकारी अस्पतालों में बाईपास सर्जरी करवाने पर सवा लाख रुपये तक खर्च करना पड़ रहा था। निजी अस्पतालाें में ढाई लाख रुपये तक खर्च हो रहे थे। ओपन हार्ट सर्जरी पर डेढ़ लाख रुपये खर्च सरकारी अस्पतालों में आ रहा है, जबकि निजी अस्पतालों में पौने तीन लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। बंद नसों के ऑपरेशन में एक लाख रुपये तक खर्च हो रहा है। निजी अस्पतालों में डेढ़ लाख रुपये तक खर्चा आ रहा है।

 

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