बांध विस्थापितों को आवंटित 224 भूखंड निरस्त

नई टिहरी। बांध विस्थापितों को 25 अक्तूबर 2012 के बाद आवंटित और परिवर्तित किए गए सभी भूखंडों को शासन ने निरस्त कर दिया है। निरस्त और परिवर्तित किए गए भूखंडों की संख्या 224 बताई जा रही है। शासन ने पुनर्वास निदेशक को अब नए सिरे से विधि और नियमों के अनुसार आवंटन की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। भूखंड आवंटन और परिवर्तन करने से पहले पुनर्वास निदेशक को अब मंडलायुक्त से अनुमति लेनी होगी। यहां देखना यह भी है कि कई भूखंडों पर आलीशान भवन खड़े हैं। आवंटन निरस्त होने पर इन भवनों का क्या होगा।
भूखंडों का आवंटन और परिवर्तन करना पुनर्वास विभाग के लिए गले की हड्डी बन गया है। प्रदेश सरकार ने 25 अक्तूबर 2012 को तत्कालीन पुनर्वास निदेशक डा. रंजीत सिन्हा को भूखंड आवंटन न करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पुनर्वास निदेशक नियम कानूनों को धता बताते हुए 25 अक्तूबर से अप्रैल 2013 तक भूखंडाें का आवंटन और परिवर्तन करते रहे। ऋषिकेश आमबाग में टीएचडीसी की भूमि विस्थापितों को आवंटित करने के मामले में टीएचडीसी ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को इस मामले में सीबीआई जांच कराने को कहा था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरकत में आई सरकार ने 26 अक्तूबर 2013 को पट्टों को निरस्त करते हुए मामले की जांच गढ़वाल मंडलायुक्त को सौंप दी थी, लेकिन अग्रिम आदेशों तक विवादित स्थल पर यथास्थिति बनाए रखे जाने के निर्देश भी दिए गए थे। मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट आने के बाद शासन ने भूखंडों का आवंटन निरस्त कर दिया।

जांच रिपोर्ट के बाद दिया आदेश
मंडलायुक्त की जांच रिपोर्ट के बाद 18 नवंबर को सचिव सिंचाई डा. अजय कुमार प्रद्योत ने आवंटित और परिवर्तित सभी भूखंडों को निरस्त कर दिया था। उनकी ओर से जारी आदेश में कहा गया कि 25 अक्तूबर 2012 के बाद आवंटन करने में शासन की नीति और शासनादेश के मूलभूत शर्तों का उल्लंघन किया गया है। सभी आवंटन विधि और नियमों की दृष्टि से अमान्य और दोषपूर्ण हैं, इसलिए सभी आवंटनों और परिवर्तित भूखंडों को निरस्त कर दिया गया।

इन स्थानों पर आवंटित किए गए थे भूखंड
आमबाग ऋषिकेश, पटेलनगर देहरादून, शिवालिक नगर हरिद्वार और नई टिहरी।

भू-माफियाओं के टूटे सपने
टिहरी बांध विस्थापितों की पात्रता खरीदकर रातो रात करोड़पति बनने का सपना देखने वाले भू-माफियाओं का सपना चकनाचूर हो गया है। भू-माफियाओं ने लगभग 40 लोगों से पात्रता खरीदकर अपने राजनीतिक रसूख के बलबूते मनमाफिक स्थानों पर भूखंड आवंटन करवाए थे। इन भूखंडों की कीमत करोड़ों रुपये थी।

इनका क्या है कहना
शासन से आवंटन निरस्त करने का पत्र मिल चुका है। ऐसे भूखंडों की संख्या 224 है, जहां पर निर्माण हो चुका है। ऐसे भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर उनसे आवंटन की पत्रावलियां प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। यदि नियम विरुद्ध आवंटन हुआ होगा तो निर्माण को हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शासनादेश के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। – नीतेश कुमार झा डीएम और पुनर्वास निदेशक टिहरी।

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