
राजपुर (सिरमौर)। पांवटा थाना के अंतर्गत बांगरण गांव में 13 अक्तूबर की रात को नौजवान युवक की धारदार हथियार से की गई नृशंस हत्या के 82 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
पुलिस की डोर टू डोर पूछताछ, मौके-ए-वारदात के गवाहों के बयान, बांस का डंडा, मोटर साइकिल का अधूरा लोकल नंबर, मोबाइल काल डिटेल एवं लोकेशन आदि जांच के बाद भी पुलिस हत्यारों को सुराग नहीं लगा पाई है। हालांकि मामले की जांच में सीआईडी सहित पुलिस की तीन टीमें जुटी हैं। कामयाबी फिर भी नहीं मिल रही है। मृतक युवक की मां सरदारनी देवी रविवार को ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव पारित कर उच्चाधिकारी से गुहार लगाएगी।
विदित हो कि 13 अक्तूबर की रात करीब 11 बजे मजदूर बलवंत कुमार (35) पुत्र कांशीराम गांव बांगरन पैदल अपने घर लौट रहा था। बांगरण शिव मंदिर मोड़ के पास अचानक अज्ञात हमलावरों ने कातिलाना हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था।
पुलिस के सीआईडी दल, थाना एवं चौकी आदि की टीमें अब भी मौत के कारणों को नहीं तलाश पाई है। अभी तक हत्यारे एवं हत्या के पीछे क्या मंशा थी इस बारे में भी पुलिस सबूत एकत्र नहीं कर पाई है। हालांकि नये डीएसपी के आने से मृतक की मां सरदारनी को उम्मीद है कि एक दिन कातिल सलाखों के पीछे जरूर होगा।
उधर, इस बारे में पांवटा के डीएसपी योगेश रोल्टा ने कहा कि पुलिस नये सिरे से जांच कर रही है। इसके लिए अन्य टीमें बनाई गई है। पुलिस पुख्ता सबूतों को जुटाने में लगी है और इस मिशन पर जल्द ही कामयाबी मिलेगी।
