
उत्तरकाशी। आपदा प्रभावित गांवों का भ्रमण कर लौटे गंगोत्री के पूर्व विधायक गोपाल रावत ने कहा कि हालात बदतर होते जा रहे हैं। बाढ़ के 18 दिन बाद भी शासन-प्रशासन गांवों में फंसे ग्रामीणों की सुध लेने को राजी नहीं। अब तक सहयोग दिया जा रहा है, लेकिन अब जनहित में आंदोलन किया जाएगा।
एक हफ्ते तक भटवाड़ी प्रखंड के अलग-थलग पड़े गांवों का भ्रमण कर लौटे पूर्व विधायक ने कहा कि फंसे हुए तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद सरकार स्थानीय लोगों की सुध नहीं ले रही है। गांवों में रसद औश्र ईंधन की समस्या गहराती जा रही है। बीमारों को अस्पताल तक लाने की स्थिति नहीं है। क्षीर गंगा में जमा मलबा शीघ्र नहीं हटाया गया तो धराली का अस्तित्व खतरे में है। भटवाड़ी प्रखंड के पिलंग, जौड़ाव, स्याबा, सालू, डिडसारी, औंगी, विशनपुर आदि गांवों की हालत बेहद खराब है।
भाजपा ने क्षेत्र की समस्याओं और सुझावों का ज्ञापन डीएम को सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष बैसाखू लाल, जयवीर चौहान, रामानंद भट्ट, लोकेंद्र बिष्ट, चंद्रा नेगी, सुरेंद्र चौहान, नागेंद्र चौहान आदि मौजूद थे।
