बस ही न रुके तो मुफ्त सेवा का क्या करना?

अर्की (सोलन)। प्रदेश सरकार ने स्कूली बच्चों को घर से स्कूल तक पहुंचने को मुफ्त बस सुविधा देने की घोषणा तो कर दी है। बावजूद इसके ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न रूटों पर बस चालकों की मनमानी के चलते ऐसे कई छात्र बसें नहीं रुकने की समस्या से आहत हैं। स्थानीय उपमंडल अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरा व बातल के ग्राम खालसा पाटी, मंज्जयाट, डांगरी, कोखड़ी, छोई, जखौली, घागर, रहेड, पोखटू और काटल आदि के दर्जनों छात्र हर रोज अर्की स्थित जमा दो की पढ़ाई के लिए स्कूल जाते हैं। छात्राें की शिकायत है कि उन्हें बस चालक बस नहीं रोकते हैं तथा दुर्व्यवहार करते हैं।
पंचायत प्रधान नरोत्तम दास ने बताया कि घागर सहित विभिन्न बस स्टाप पर बच्चे बसों के इंतजार में खड़े रहते हैं। लेकिन सोलन से धर्मशाला रूट की बस सुबह यहां से गुजरती है, जो अकसर स्कूली बच्चों को नहीं रुकती। शुक्रवार को पंचायत प्रधान की अगुवाई में क्षेत्र के लोगों ने एसडीएम अर्की के माध्यम से शिकायत परिवहन मंत्री को भेज दी है। प्रधान ने बताया कि उक्त बस के चालक-परिचालक अकसर स्कूली छात्रों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। बस चालकों की मनमानी के कारण स्कूली बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते। स्थानीय निवासी तनुजा, कमलेश, हेमराज, दीक्षित, निर्मला, प्रीति, डिंपल, संगीता, आरती, कीर्ति, मीना, पूजा, नेहा, रोहणी, दक्षांसी, हेमा, दिनेश, संजू और सुनील आदि ने कुन्नी खड्ड से अर्की के लिए सुबह के समय अलग बस चलाने की मांग की है । साथ ही सोलन से धर्मशाला बस चालकों को सभी बस स्टॉप पर स्कूली छात्रों को बिठाने के आदेश देने की मांग की है। उधर, प्रशासन ने छात्रों तथा अभिभावकों की शिकायत प्रदेश सरकार को भेज दी है ।

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