बसें शादियों में, मुसाफिर सड़कों पर

शिमला। राजधानी के लोगों को रविवार को बस सुविधा के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ी। एचआरटीसी और प्राइवेट बसें बारातें लाने और ले जाने में व्यस्त रहीं। शहर के लोग बस स्टापों पर बसों का इंतजार करते रहे। रविवार को काफी संख्या में शादी समारोहों की वजह से यह दिक्कत आई। बसों की बुकिंग होने से रुटीन की बस सेवाएं प्रभावित हुईं। शनिवार रात से ही अधिकतर बसें शादियों की बुकिंग पर रवाना हो गईं, जिसके चलते देर रात तक लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रविवार को छुट्टी के बावजूद जरूरी कामों के लिए घर से निकले लोगों को परिवहन सुविधा के अभाव में खासी परेशानी झेलनी पड़ी।
एचआरटीसी की संजौली, न्यू शिमला व बस स्टैंड सेक्टर की कुछ बसें शादियों की बुकिंग पर होने के कारण निगम के रूट फेल हुए। संजौली, ढली, विकासनगर, पंथाघाटी, कसुम्पटी, मैहली, भराड़ी, पवाबो, बालूगंज, समरहिल व टुटू रूटों पर तय संख्या के मुकाबले कम बसें चलने के कारण यात्रियों को समस्या झेलनी पड़ी। पर्याप्त संख्या में बसें न चलने के कारण शहर में जो कुछ बसें चलीं, उनमें भी भारी ओवरलोडिंग रही। रविवार को भारी संख्या में लोग बस स्टाप पर बसों का इंतजार करते देखे गए। उधर हिमालयन बस आपरेटर यूनियन शिमला सिटी के अध्यक्ष जितेंद्र राणा ने बताया कि रविवार को बारातों की बुकिंग पर करीब एक दर्जन बसें शहर से बाहर गई हुई थीं। स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत पेश न आए इसके लिए तय अनुपात में ही बसों को बुकिंग पर भेजा गया था।
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देर रात को नहीं मिली बसें
समर फेस्टिवल को लेकर एचआरटीसी ने रात बारह बजे तक शहर में बसें चलाने का दावा किया था, लेकिन शनिवार रात आठ बजे के बाद इक्का दुक्का बसें ही शहर की सड़कों पर देखने को मिली। समारोह देखने के बाद घर लौट रहे लोगों को ओल्ड बस स्टैंड से टुटू, बालूगंज, चक्कर व संजौली की ओर बसें नहीं मिलीं। वहीं, एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक देवासेन नेगी ने बताया कि समर फेस्टिवल के चलते शेड्यूल सर्विस को 12:00 बजे तक बढ़ाया गया था। शहर में जाम के चलते बहुत सी बसें घंटों रास्ते में ही फंसी रहीं। बावजूद इसके जिन क्षेत्रों के लिए डिमांड आई, वहां अतिरिक्त बसें भेजी गईं।

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