
चौखुटिया। ग्राम पंचायत बसरखेत के खौला में बादल फटने से एक युवक की मौत हो गई। पानी के सैलाब में 100 बकरियां, तीन भैंसे और तीन पनचक्कियां बह गई हैं। तीन पैदल पुल, रास्ते, सिंचाई गूलें और पेयजल योजनाएं भी ध्वस्त हो गई हैं। खौला पहुंचने का मुख्य रास्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया। लोग जान जोखिम में डालकर गांव पहुंच रहे हैं।
तड़ागताल क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बसरखेत के खौला में सोमवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मची। अचानक आई इस आफत में गोपालसिंह का बेटा जयपाल सिंह (20) बह गया। वह गौशाले में सोया था। गोशाले में रखी 60 बकरियां, पांच भैंस और एक गाय भी बह गई। जयपाल का शव गांव से आठ किलोमीटर दूर तड़ागताल में ढनाण गांव के निकट बरामद किया गया। जयपाल का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इसी गांव के दयाल सिंह पुत्र दुर्गासिंह की 40 बकरियां और गौशाला भी बह गया है। उसके मकान को भी खतरा बना हुआ है। प्रतापसिंह की पनचक्की और शौचालय बह गए जबकि बिजली से चलने वाली एक अन्य चक्की में मलबा भर गया। मदन सिंह पुत्र पूरन सिंह की पनचक्की बह गई। मदन सिंह (द्वितीय) का मकान चारों ओर से पानी से घिर गया लेकिन उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है। भारी बारिश के बाद गांव के तीन पैदल पुल ध्वस्त हो गए हैं। कालीगाड़ पुल भी क्षतिग्रस्त है। विद्युत व्यवस्था भंग है। खौला से उड़खोला तक की सड़क ध्वस्त है। सिंचाई गूलें, पेयजल योजना और रास्ते भी टूट गए हैं। इसके निकटवर्ती क्षेत्रों में जमीन आदि के नुकसान की खबर है। इस आपदा के बाद गांव के लोग सुरक्षित ठिकाना तलाशने लगे हैं। मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण लोग जान जोखिम में डालकर जंगल के रास्ते गांव पहुंच रहे हैं। इधर तहसीलदार आनंद सिंह भंडारी के नेतृत्व में राजस्व और अन्य अधिकारियों की टीम घटना स्थल के लिए रवाना हो गई है।
