
नौहराधार (सिरमौर)। प्रसिद्ध शिरगुल मंदिर चूड़धार में बकरा बलि फिर से शुरू करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। राजा सराहां के कार्यकाल से चले आ रहे नंबरदार विरादरी ने राजा महाराजाओं की इस पुरानी प्रथा को फिर से शुरू किए जाने की बात रखी है। हालांकि मंदिर परिसर में मौजूद पुजारी समुदाय ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। शुक्रवार को मामले की गंभीरता को देखते हुए राजगढ़ तथा नौहरा पुलिस मौके पर पहुंची।
उधर इस मामले की जानकारी देते हुए चूड़धार मंदिर परिसर स्थित स्वामी कमलानंद महाराज ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर उन्हें ज्ञात हुआ है कि कुछ प्रभावशाली लोग बकरा बलि देने की प्रथा को फिर से शुरू करना चाहते हैं। इस काम के लिए मंदिर परिसर की ओर बकरा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने इस बाबत एसडीएम चौपाल सहित चूड़ेश्वर सेवा समिति के पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अवगत कराया है।
कमलानंद महाराज ने इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि पवित्र चूड़ेश्वर मंदिर परिसर में बलि देने की परंपरा को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह मानवता तथा ईश्वरीय पूजा अर्चना के विरुद्ध है।
इस बीच चूड़ेश्वर सेवा समिति की केंद्रीय कार्यकारिणी के कोषाध्यक्ष कमलेंद्र चौहान ने बताया कि अगर ऐसा है तो वह इस घटना की निंदा करते हैं तथा बलि प्रथा शुरू किए जाने का विरोध करेंगे।
उधर देर शाम खबर लिखे जाने तक मंदिर परिसर में मामले को लेकर किसी प्रकार का तनाव नहीं देखा गया। स्वामी कमलानंद महाराज ने बताया कि जो सूचना उन्हें मिली थी उसके मुताबिक जातर सराहां से चली है लेकिन चूड़धार नहीं पहुंच पाई।
