
नैनीताल। शादी का झांसा देकर युवती से बलात्कार के आरोपी की जमानत याचिका प्रभारी सत्र न्यायाधीश राजेंद्र जोशी की अदालत ने खारिज कर दी।
एक माह पहले पंजाब निवासी पीड़िता ने कमलुवागांजा निवासी प्रकाश के खिलाफ हल्द्वानी में बलात्कार तथा शारीरिक संबंध न बनाने पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार 5 वर्ष पूर्व रामनगर में ग्राम स्वार निवासी फोरमैन किर्लोस्कर तथा उसकी पत्नी किरन ने उसका अपहरण कर लगभग एक वर्ष तक उसे बंधक बना कर रखा। बाद में दोनों ने पीड़िता को गांव के राकेश को बेच दिया। राकेश ने भी पीड़िता का शारीरिक उत्पीड़न किया। बार-बार अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा बलात्कार का शिकार हुई पीड़िता दो बच्चों की मां बन गई। राकेश द्वारा पीड़िता कोे अन्य व्यक्तियों से शारीरिक संबंध बनाने पर पीड़िता राकेश के चंगुल से भाग कर गांव के चौराहे पर आ गयी। पीड़िता को चौराहे पर रोता देख वहां मौजूद बल्लू ने उसे प्रकाश से मिलाया। शादी का झांसा देकर प्रकाश पीड़िता को हल्द्वानी ले आया जहां उसने भी पीड़िता से बलात्कार किया। प्रकाश के उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता क्षेत्र की रहने वाली प्रिया मलिक के पास पहुंची। पीड़िता की आपबीती सुन प्रिया ने उसे हल्दूचौड़ आश्रम पहुंचाया। जिसके बाद महिला समाख्या के कार्यकर्ता पीड़िता को एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग सेल में ले गए। प्रकाश के खिलाफ धारा 370, 344, 376 तथा 504 व आईपीसी की धारा 323 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील शर्मा तथा एडीजीसी नरेंद्र नेगी ने की।
