बलमणा-देवप्रयाग मार्ग के समरेखण पर उठे सवाल

पौड़ी। बलमणा देवप्रयाग मोटर मार्ग समरेखण पर कुलासू के ग्रामीणों ने ऐतराज जताया। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क का समरेखण नहीं बदला गया तो गांवों के कई काश्तकारों को अपनी भूमि गंवानी पड़ेगी।
विकास खंड कोट के अंतर्गत बलमणा से देवप्रयाग के लिए नौ किमी सड़क स्वीकृत हुई। इससे कुलासू समेत चमराड़ा, थापली, भटगांव, सैंध, ग्वाीराला आदि गांवों को यातायात की सुविधा से जोड़ा जाना है, लेकिन सड़क निर्माण से पहले ही इसके समरेखण पर सवाल उठने लगे हैं। कुलासू के ग्रामीण जगमोहन सिंह, प्रेम सिंह, टीका प्रसाद, राकेश सिंह, इंदु देवी, जसोदा देवी, पुष्पा देवी, शांति देवी, चंद्रमा देवी और राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि विभाग ने जब सड़क का सर्वे किया तो इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं दी। अब सेरा गांव में जब सड़क का निर्माण शुरू हो रहा है तब इसमें हमारी कृषि भूमि भी कट रही है। अगर सड़क बनी तो काश्तकारों की सिंचित खेती सड़क की भेंट चढ़ जाएगी। ग्रामीणों ने सड़क समरेखण को बदलने की मांग की। कहा कि गांव के ऊपर काश्तकारों की ऊसर भूमि है वहां सड़क आसानी से जा सकती है। विभाग को इस विकल्प पर विचार करना चाहिए। खेती कर जीवन बिताने वालों के साथ यह खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
सड़क तक पहुंचने के लिए दो से ढाई किमी पैदल चलना पड़ता है। सुविधा तो ठीक है, लेकिन सड़क के लिए सिंचित भूमि का अधिग्रहण करना काश्तकारों के हित में नहीं है। इससे कई लोग बेरोजगार हो जाएंगे। – महेश्वरी देवी, काश्तकार कुलासू।

सड़क सुविधा के लिए सभी ग्रामीणों को साथ लेकर गांव के ऊपर असिंचित भूमि पर सहमति बनाई जा सकती है। इससे काश्तकारों के हित भी प्रभावित नहीं होंगे और सुविधा भी मिल जाएगी। सड़क के लिए सेरा काटने का पुरजोर विरोध होगा। – लक्ष्मी देवी, कास्तकार कुलासू।
बलमणा-देवप्रयाग मोटर मार्ग के सर्वे पर सभी पहलुओं को गंभीरता से देखा गया है। इसी के आधार पर कार्य किया जा रहा है। कुलासू में ग्रामीणों को गांव के नीचे और ऊपर दोनों को आपत्ति हैं। – राजेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता लोनिवि पौड़ी।

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