बर्फ बनी आफत, बिजली-पानी बंद

बरोट/पांगणा (मंडी)। जिला में बर्फबारी से प्रभावित इलाकों में जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। कई स्थानाें में भारी बर्फबारी ने लोगाें की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बर्फ प्रभावित कई गांवों में अभी भी बिजली, पानी और दूरसंचार सेवा ठप है। सेवाआें को सही करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन कई स्थानों पर गिरी दो से तीन फुट बर्फबारी बाधा बन रही है। हालांकि रविवार को यातायात के लिए बंद कई मार्गों को बहाल कर दिया गया।
जिला के कई संपर्क मार्ग अभी भी बाधित हैं। चौहारघाटी को जाने वाली मुख्य सड़क बरोट-घटासनी रविवार को छोटे वाहनों के लिए बहाल हो गई है, जबकि बड़े वाहनाें की आवाजाही बंद रही। वहीं, बरोट सब डिवीजन मुख्यालय को छोड़कर चौहार और छोटा भंगाल के अन्य सभी गांवाें में शुक्रवार से बिजली गुल है। भारी बर्फबारी की वजह से विद्युत सप्लाई की तीसरे दिन भी बहाली नहीं हो पाई है। इसके अलावा दोनाें क्षेत्रों में दूरसंचार सेवा और पेयजल सप्लाई ठप पड़ी है। इससे लोग परेशान हैं। वहीं, करसोग घाटी में भी बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित है। रविवार को लोनिवि की मशीनरी ने बखरौट-चुराग-केलोधार सड़क को बहाल कर दिया है, जबकि रोहांडा, चौकी, महोग, छतरी रूट अभी भी बाधित हैं। इस कारण अभी भी सैकड़ों लोग यातायात से कटे हुए हैं। करसोग घाटी का मंडी से संपर्क बहाल नहीं हो पाया है। शिमला और रामपुर के लिए वाहनाें को बाया धामी आना-जाना पड़ रहा है। दूरदराज के करीब दो दर्जन गांवाें में बिजली, पानी सेवा पटरी पर नहीं लौट सकी है। परिवहन निगम की कुछ बसें और दर्जनाें निजी वाहन बर्फ प्रभावित रूटों में फंसे हुए हैं। उधर, लोनिवि पधर के कनिष्ठ अभियंता टेक चंद ने बताया कि मुख्य सड़क बरोट-घटासनी को छोटे वाहनाें के लिए बहाल कर दिया गया है।

आठवीं तक के बच्चों को दो दिन छुट्टी
जिला में हुए भारी हिमपात को देखते हुए उपायुक्त मंडी ने 17-18 फरवरी को दो दिन के लिए शीतकालीन स्कूलों मेें आठवीं कक्षा तक अवकाश घोषित कर दिया है।

कई लोगों ने वाहनों में काटी रात
करसोग क्षेत्र के बखरौट और चार कुफरी के पास बर्फबारी के बीच शनिवार रात भर करीब दो दर्जन वाहन फंसे रहे। इससे कई सवारियाें को रात वाहनाें के अंदर ही काटनी पड़ी। जबकि कई यात्रियों ने आसपास के गांवों में शरण ली। रविवार को मार्ग खुलने पर सभी वाहन तथा यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए।

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